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GST का साइडइफेक्ट, AMUL ने बढ़ाये दही-लस्सी के रेट, जानिए क्या-क्या हुआ महंगा

Amul Price Hike: दूध के पैक प्रोडक्ट- दही, लस्सी, पनीर और छाछ को पहली बार सरकार ने जीएसटी के दायरे में शामिल किया है. इन प्रोडक्टस पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी वसूली जाएगी.

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अमूल ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में किया इजाफा
अमूल ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में किया इजाफा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जीएसटी दर की वजह से बढ़ी कीमत
  • अमूल ने दही, मट्ठा और लस्सी के दाम बढ़ाए

महंगाई (Inflation) के कम होने के आसार फिलहाल तो नहीं दिख रहे हैं. 18 जुलाई से सरकार ने जरूरत की तमाम वस्तुओं पर जीएसटी (GST) की दरें बढ़ा दी हैं और अब इसका असर दिखना शुरू हो गया है. भारत की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी (Amul Dairy) ने अपने प्रोडक्टस की कीमतें बढ़ा दी हैं. नई कीमतें 19 जुलाई से लागू हो जाएंगी. अमूल का ये फैसला पैक्ड डेयरी प्रोडक्ट पर लगे 5 फीसदी जीएसटी (GST) लगाए जाने के बाद आया है. अमूल ने दही, मट्ठा, फ्लेवर्ड दूध समेत मिल्क प्रोडक्ट्स के भाव बढ़ा दिए हैं.

पहली बार जीएसटी के दायरे में ये प्रोडक्ट

दूध के पैक प्रोडक्ट- दही, लस्सी, पनीर और छाछ को पहली बार सरकार ने जीएसटी के दायरे में शामिल किया है. इन प्रोडक्टस पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी वसूली जाएगी. इस वजह से अमूल ने अपने प्रोडक्ट की कीमतों में इजाफा किया है. आने वाले दिनों में और भी डेयरी कंपनियां अपने प्रोडक्ट का दाम बढ़ा सकती हैं.

अमूल ने बढ़ाई इन प्रोडक्ट्स की कीमत

दही के 200 ग्राम कप की कीमत 20 रुपये से बढ़ाकर 21 रुपये कर दिया है.  400 ग्राम वाला दही का कप अब 40 रुपये की जगह 42 रुपये में मिलेगा. अमूल का दही का पैकेट अब 30 रुपये की बजाय 32 रुपये में मिलेगा. एक किलो के दही के पैकट को खरीदने के लिए अब आपको 69 रुपये खर्च करने होंगे. पहले इसकी कीमत 65 रुपये थी. 170ml का अमूल का लस्सी अब 10 रुपये की जगह 11 रुपये में मिलेगा.

अमूल का फ्लेवर्ड मिल्क बोतल अब 20 रुपये की बजाय 22 रुपये में मिलेगा.टेट्रा पैक वाला मट्ठा 200 एमएल का पैकेट 12 रुपये की जगह 13 रुपये में मिलेगा. हालांकि, 200 ग्राम वाले लस्सी के कप की कीमत में इजाफा नहीं हुआ है. यह पहले ती तरह 15 रुपये में ही मिलेगा.

जीएसटी की वजह से बढ़ी कीमत

अमूल के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोढ़ी ने बताया कि जीएसटी बढ़ने के चलते कई प्रोडक्टस की कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं. हालांकि,  हम छोटे पैकेट पर बढ़ी कीमतों को खुद वहन करेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जून के आखिर में जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक हुई थी. बैठक में GST काउंसिल ने कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों पर  GST लगाने का फैसला किया, जिन्हें इस टैक्स स्लैब से बाहर रखा गया था.

 

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