scorecardresearch
 
Advertisement
यूटिलिटी

Working Day Rule: हफ्ते में 4 दिन काम, 3 दिन आराम... नए लेबर कोड में नया नियम!

नए लेबर कोड
  • 1/7

नए लेबर कोड के तहत सभी नियम के बारे में जानकारी नोटिफाई कर दिया गया है. इसमें सैलरी, पीएफ, ग्रेच्‍युटी और वर्किंग कल्‍चर समेत कई बदलाव किए गए हैं. इसी में एक खास बदलाव हफ्ते में काम को लेकर किया गया है, जिसे देखना काफी दिलचस्‍प है. (Photo: Pixabay.com) 

हफ्ते में 4 दिन काम
  • 2/7

हफ्ते में काम को लेकर जिस नियम में बदलाव किया गया है, कर्मचारियों को अब सिर्फ 4 दिन काम करने के लिए कहा जा सकता है और उन्‍हें 2 दिन की बजाय हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी मिल सकती है. हालांकि ये तभी संभव होगा, जब आपकी कंपनी इस नियम को लागू करेगी. (Photo: Pexel)

हर दिन 12 घंटे काम
  • 3/7

लेकिन इसके बदले में कर्मचारियों को ज्‍यादा घंटे तक काम करना पड़ेगा. अगर आप हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी लेंगे, तो आपको हर दिन 12 घंटे काम करना होगा. इस हिसाब से देखा जाए तो कर्मचारियों का वर्किंग घंटा हफ्ते में 48 घंटे से ज्‍यादा नहीं होगा. (Photo: Pexel)

Advertisement
कब लागू होगा ये नियम
  • 4/7

लेबर एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि यह नियम अनिवार्य नहीं है यानी हर कंपनी को 4 दिन वाला वर्क मॉडल अपनाना जरूरी नहीं होगा. इसे तभी लागू किया जा सकेगा, जब कंपनी और कर्मचारी दोनों इसके लिए सहमत हों. कोई भी नियोक्‍ता कर्मचारियों पर जबरदस्‍ती ये सिस्‍टम थोप नहीं सकता है. (Photo: Pexel) 

नियम में खास शर्तें
  • 5/7

नए नियमों में कुछ भी अहम शर्तें भी रखी गई हैं. कंपनियों को यह तय करना होगा कि कर्मचारियों से हफ्ते में 48 घंटे से ज्‍यादा कमा न कराया जाए. अगर तय समय से ज्‍यादा काम कराया जाता है तो ओवरटाइम का पेमेंट वेतन से डबल करना होगा. (Photo: Pixabay.com)

नियम में खास बदलाव
  • 6/7

ऑक्यूपेशनल सेफ्टी हेल्थ वर्किंग कंडीशन रूल्स 2026 में रोजाना काम के घंटों से ज्यादा पूरे सप्ताह के कुल वर्किंग ऑवर्स पर फोकस रखा गया है. ऐसे में कंपनियों को अपने हिसाब से शिफ्ट और काम का शेड्यूल तय करने में ज्‍यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिल सकेगी. (Photo: Pixabay.com)

इन सेक्‍टर्स के लिए अच्‍छा नहीं ये नियम
  • 7/7

एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि हेल्थकेयर, अस्पताल, होटल, रिटेल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स के लिए यह मॉडल आसान नहीं होगा. इन सेक्टर्स में लगातार सर्विस और स्टाफ की जरूरत होती है, इसलिए 4 दिन काम और 3 दिन छुट्टी वाला सिस्टम सही नहीं रहेगा. (Photo: Pixabay.com)

Advertisement
Advertisement