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अप्रैल-जून में कॉल ड्रॉप दर बढ़कर 24.59 प्रतिशत हुई

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मंगलवार को कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में 2जी सेवाओं के लिए कॉल ड्रॉप दर बढ़कर 24.59 प्रतिशत और 3जी सेवाओं के लिए 16.13 प्रतिशत पर पहुंच गई. ट्राई ने कहा कि ऐसे सबसे ज्यादा प्रभावित मोबाइल सेवा इलाकों में जहां कॉल ड्रॉप दर तीन प्रतिशत से अधिक रही है वहां सेवा का प्रदर्शन तिमाही दर तिमाही और खराब हुआ है.

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अप्रैल-जून में कॉल ड्रॉप की समस्या बढ़ी
अप्रैल-जून में कॉल ड्रॉप की समस्या बढ़ी

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मंगलवार को कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में 2जी सेवाओं के लिए कॉल ड्रॉप दर बढ़कर 24.59 प्रतिशत और 3जी सेवाओं के लिए 16.13 प्रतिशत पर पहुंच गई. ट्राई ने कहा कि ऐसे सबसे ज्यादा प्रभावित मोबाइल सेवा इलाकों में जहां कॉल ड्रॉप दर तीन प्रतिशत से अधिक रही है वहां सेवा का प्रदर्शन तिमाही दर तिमाही और खराब हुआ है.

कुल कॉल ड्रॉप दर 1.64 प्रतिशत
ट्राई ने कहा कि सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में 2जी सेवाओं के मामले में कॉल ड्राप दर हो गई, जो जनवरी-मार्च में 12.50 प्रतिशत थी. वहीं 3जी सेवाओं के मामले में यह 15.96 प्रतिशत से बढ़कर 16.13 प्रतिशत हो गई. हालांकि, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कुल कॉल ड्रॉप दर 1.64 प्रतिशत रही.

कॉल ड्राप बेंचमार्क पर ऑपरेटर खरे नहीं उतरे
ट्राई के मानदंडों के मुताबिक कॉल ड्रॉप की दर दो प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिये और सबसे ज्यादा प्रभावित प्रकोष्ठों में यह 3 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिये. 2जी जो दूरसंचार ऑपरेटर खरे नहीं उतर पा रहे हैं उनमें एयरसेल, बीएसएनएल और टाटा टेलिसिर्विसिज शामिल है. ट्राई ने कहा कि दूरसंचार ऑपरेटरों के मामले में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सकल राजस्व 0.30 प्रतिशत घटकर 65,030 करोड़ रुपये रह गया.

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इनपुट: भाषा

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