सरकार की कई हिदायतदों के बाद भी होटल व रेस्तरां सर्विस चार्ज वसूलने से बाज नहीं आ रहे हैं. अब सरकार ने होटलों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है. इसके लिए सरकार सर्विस चार्ज को भी टैक्स के दायरे में लाने पर विचार कर रही है.
जबरदस्ती सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते होटल
केंद्र सरकार ने अप्रैल में सभी होटल व रेस्टोरेंट को निर्देश दिया था कि वह जबरदस्ती सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते. सरकार ने साफ किया था कि सर्विस चार्ज वसूलने के लिए आम लोगों पर दबाव नहीं डाला जा सकता, लेकिन इसके बावजूद भी कई होटल अपनी मनमानी कर रहे हैं और जबरदस्ती सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं. उपभोक्ता मंत्रालय को इस संबंध में कई शिकायतें मिली हैं.
पासवान ने किया ट्वीट
उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने ट्वीट कर कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने सर्विस चार्ज को टैक्स दायरे में लाने के लिए के लि सेंट्रल टैक्स बॉडी सीबीडीटी को लिखा है. उन्होंने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट को कहा गया है कि अगर वह सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं, तो उन्हें यह बिल में बतान होगा कि यह स्वैच्छिक है. या फिर वह इस कॉलम को खाली छोड़ दें.
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपभोक्ता मामले विभाग ने सर्विस चार्ज को Tax Assessment में शामिल करने पर विचार करने के लिए CBDT को लिखा है।
— Ram Vilas Paswan (@irvpaswan)
होटल/रेस्तरां से कहा गया है कि वे बिल में सर्विस चार्ज का कॉलम या तो खाली छोड़ दें या फिर यह उल्लेख करें कि सर्विस चार्ज स्वैच्छिक है।
— Ram Vilas Paswan (@irvpaswan)
हेल्पलाइन पर आई शिकायतें
दरअसल नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर कई ऐसी शिकायतें आ रही थीं. इनमें कहा जा रहा था कि कई होटल मनमानी और जबरदस्ती से सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं. सरकार ऐसे होटलों पर लगाम कसने के लिए ही सर्विस चार्ज को टैक्स दायरे में लाने पर विचार कर रही है.