डीएमके के यूपीए से अलग होने की घोषणा के बाद मंगलवार को देश के शेयर बाजारों में भारी गिरावट का रुझान रहा. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 285.10 अंकों की गिरावट के साथ 19,008.10 पर और निफ्टी 89.30 अंकों की गिरावट के साथ 5,745.95 पर बंद हुआ.
आरबीआई द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा भी शेयर बाजारों को सम्भाल पाने में कामयाब नहीं रही.
केंद्र की यूपीए सरकार से अलग होने की डीएमके की घोषणा के तुरंत बाद मंगलवार को प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 400 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह 18,939.47 के स्तर तक पहुंच गया.
डीएमके संसद में एक ऐसा प्रस्ताव पारित कराने की मांग कर रही है, जिसमें कहा जाए कि श्रीलंका में तमिलों का जनसंहार हुआ था.
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 52.71 अंकों की तेजी के साथ 19,345.91 पर खुला था और 285.10 अंकों यानी 1.48 फीसदी की गिरावट के साथ 19,008.10 पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 19,378.61 के ऊपरी और 18,939.47 के निचले स्तर को छुआ.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 24.25 अंकों की तेजी के साथ 5,859.50 पर खुला और 89.30 अंकों यानी 1.53 फीसदी की गिरावट के साथ 5,745.95 पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में निफ्टी ने 5,863.60 के ऊपरी और 5,724.30 के निचले स्तर को छुआ.
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई. मिडकैप सूचकांक 87.10अंकों की गिरावट के साथ 6,280.68 पर और स्मॉलकैप 96.07 अंकों की गिरावट के साथ 6,041.78 पर बंद हुआ. बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई.