प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश को विश्वबैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में शीर्ष 50 देशों में पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. साथ ही उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आकार करीब दोगुना कर 5,000 अरब डॉलर तक पहुंचाने की कोशिशें की जा रही हैं.
भारतीय उद्योग जगत के साथ कारोबार सुगमता पर चर्चा के लिये बुलाई गई बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के स्तर पर नीतिगत अपंगता का दौर खत्म हो चुका है. उनकी सरकार ने नीति आधारित शासन दिया है, जिससे विश्व बैंक की 190 देशों की कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत 142वें से स्थान से ऊपर चढ़कर इस साल 77वें स्थान पर पहुंच गया है.
India's strides in 'Ease of Doing Business' have drawn the attention of the world. We are seen as a bright spot globally.
While our rankings have improved significantly, we want to better them even further. For that, we seek your views.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 19, 2018Advertisement
उन्होंने कहा कि देश में कंपनियों के लिये काम करने को आसान बनाने के लिए सुधार जारी रहेंगे और प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही देश की अर्थव्यवस्था का आकार भी बढ़ाकर 5,000 अरब डॉलर करने के लिये प्रयास किए जा रहे हैं. साल 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के समय कारोबार सुगमता की सूची में भारत 142वें स्थान पर था.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उस समय देश लालफीताशाही और नीतिगत अपंगता में जकड़ा हुआ था. चार साल के सुधारों के बाद विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में कारोबार सुगमता के मामले में भारत 190 देशों की सूची में 77वें स्थान पर पहुंच गया. इससे पिछले साल भारत 100वें स्थान और उससे पिछले साल 130वें स्थान पर था.
पीएम मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में भारत ने इस रैंकिंग में 65 स्थानों की छलांग लगाई है. विश्व बैंक की इस रैंकिंग में न्यूजीलैंड पहले उसके बाद सिंगापुर, डेनमार्क और हांगकांग का स्थान रहा है. अमेरिका आठवें और चीन को 46वां स्थान मिला है. पाकिस्तान इस सूची में 136वें स्थान पर है.
विश्व बैंक की यह रिपोर्ट दस मानकों के आधार पर तैयार की जाती है. इसमें कोई भी व्यावसाय शुरू करने, निर्माण अनुमति मिलने, बिजली कनेक्शन पाने, कर्ज मिलने, कर का भुगतान, विदेश व्यापार, अनुबंध का क्रियान्वयन और दिवाला समाधान जैसे मुद्दों पर गौर किया जाता है.