प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दुमका में मुद्रा योजना लॉन्च की, जिसके तहत एक व्यक्ति व्यापार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक ऋण ले सकता है. मोदी ने राज्य में योजना शुरू करते हुए कहा कि मुद्रा योजना देश में विकास की गति तेज करने का एक अगला कदम है.
अब तक 26 हजार करोड़ का लोन दिया गया
अब तक इस योजना के तहत 42 लाख लोगों ने 26 हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया है. प्रधानमंत्री मुद्रा (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रेफरेंस एजेंसी) योजना अप्रैल में लघु उद्यमियों की मदद के लिए शुरू की गई थी. झारखंड में इस योजना के तहत लगभग एक लाख लोगों को ऋण दिया गया है.
20 लाख महिलाएं को लोन
उन्होंने कहा कि इन 42 लाख लोगों में से 20 लाख महिलाएं हैं. यह महिला सशक्तिकरण का सर्वोत्तम उदाहरण है. ये महिलाएं देश के विकास का हिस्सा बनेंगी. उन्होंने साथ ही कहा कि ऋण की संपूर्ण राशि पर ब्याज देय नहीं होगा, बल्कि डेबिट कार्ड से जितनी धनराशि निकाली जाएगी, उतनी ही राशि पर ऋण देय होगा.
31 लाख लोगों ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ी
मोदी ने गरीबों की बात करने वाले राजनीतिक प्रतिस्पर्धियों की भी आलोचना की और कहा,'गरीबों के नाम पर गत 60 साल में सिर्फ राजनीति हुई है, लेकिन किसी ने भी जलावन से खाना पकाती माताओं के बारे में नहीं सोचा. हमने अब तक 18 लाख गरीबों को एलपीजी सिलेंडर दिया है. हमारे आग्रह पर 31 लाख लोगों ने एलपीजी सब्सिडी लेना बंद कर दिया है.'
युवाओं को रोजगार मिलेगा
उन्होंने कहा कि आज महात्मा गांधी जयंती है और यदि खाना पकाने के जलावन के लिए पेड़ नहीं काटे जाएंगे, तो उनकी आत्मा को खुशी मिलेगी. प्रधानमंत्री ने दुमका में कई मालुती मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम भी शुरू किया. उन्होंने कहा कि मालुती मंदिरों के जीर्णोद्धार और संरक्षण से संथाल क्षेत्र में पर्यटन का विकास होगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा.
इनपुट : IANS