प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि यदि 52 हजार करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना में अनियमितता का पता चलता है, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी. मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में कहा, 'यदि अनियमितता का पता चलता है, तो हम कठोर कदम उठाएंगे'
संसद में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और अन्य पार्टियों ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध किया.
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने संसद में मंगलवार को 'कृषि ऋण माफी और कर्ज राजत योजना 2008 के क्रियान्वयन' पर पेश अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हर पांच में से कम से कम एक मामले में अनियमितता सामने आई है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने 2008 में देश भर के किसानों के लिए ऋण माफी की घोषणा की थी। विश्लेषकों के मुताबिक सरकार को 2009 का आम चुनाव जीतने में इससे बड़ी मदद मिली थी.