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साल के सबसे निचले स्‍तर पर रुपया, गोल्‍ड की कीमत में ऐतिहासिक बढ़त

सप्‍ताह के पहले कारोबारी दिन रुपया साल के सबसे निचले स्‍तर पर पहुंच गया. वहीं सोने की कीमत नई ऊंचाई पर पहुंच गई.

साल के सबसे निचले स्‍तर पर रुपया साल के सबसे निचले स्‍तर पर रुपया

भारतीय बाजार के लिए सप्‍ताह का पहला कारोबारी दिन काफी उथल-पुथल वाला साबित हुआ है. कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स 650 अंक टूट गया तो वहीं रुपये में भी साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा सोने की कीमत में भी रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली.

सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 98 पैसे गिरकर 70.58 रुपये प्रति डॉलर आ गया. यह इस साल की सबसे बड़ी गिरावट है. इससे पहले दिसंबर 2018 में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. बता दें कि रुपया शुक्रवार को 69.60 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इसी तरह सोने की कीमत में अब तक की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई. शुरुआती कारोबार में सोना नई ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोना 543 रुपये यानी 1.53 फीसदी बढ़कर 36,120 रुपये प्रति दस ग्राम के भाव पर था.

क्‍यों रुपया हुआ कमजोर

मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध से जुड़ी चिंताओं से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई. इसका असर रुपये पर भी देखने को मिला. कारोबारियों ने कहा कि मोटे तौर पर चीन की मुद्रा में गिरावट का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा. बता दें कि चीन की मुद्रा युआन में करीब एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. सोमवार को शुरुआती कारोबार में युआन अमेरिका मुद्रा के मुकाबले गिरकर 7 युआन प्रति डॉलर के नीचे आ गया. यह अगस्त 2010 के बाद का सबसे निचला स्तर है.

दरअसल, चीन के उत्पादों पर नया शुल्क लगाने के अमेरिका सरकार के फैसले के बाद चीन के केंद्रीय बैंक ने अपनी मुद्रा में अवमूल्यन की अनुमति दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन के 300 अरब डॉलर की वस्तुओं पर शुल्क लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर युआन अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले गिरकर 7.1085 युआन प्रति डॉलर पर चल रहा था.

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