मोदी सरकार ने आयातकों और निर्यातकों के लिए बड़ी सुविधाएं दी है. आयातकों एवं निर्यातकों के लिए कारोबार में और ज्यादा आसानी सुनिश्चित करने के लिए कस्टम क्लीयरेंस में प्रिन्ट आउट की अनिवार्यता कम की है.
इससे आयातकों और निर्यातकों को इलेक्ट्रॉनिक संदेश एवं कागज रहित व्यवस्था को अपनाने में मदद मिलेगी. इसके तहत आयातकों और निर्यातकों के लिए अब से विभिन्न कागजी दस्तावेजों को बैंकों/डीजीएफटी/कस्टम्स पोर्ट इत्यादि के के सामने देना आवश्यक नहीं होगा. चूंकि 95 फीसदी आयातक अब ई-पेमेंट के जरिए शुल्क का भुगतान कर रहे हैं और इन दस्तावेजों को आइसगेट ई-पेमेंट गेटवे पर देखा जा सकता है, अत: अब जीएआर 7 फार्म/टीआर6 चालान के प्रिंट-आउट की जरूरत नहीं रह गई है.
मोदी सरकार के ये निर्देश आने वाले 1 दिसंबर, 2016 से प्रभावी हो जाएंगे. ये तमाम सूचनाएं सम्बंधित विभाग जैस बंदरगाहों के कस्टम्स हाउस, एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स, आईसीडी और सीएफसी से सार्वजनिक सूचना या नोटिस जारी करने को कहा गया है. इससे आयातकों और निर्यातकों को इलेक्ट्रॉनिक संदेश एवं कागज रहित व्यवस्था को अपनाने में भारी मदद मिलेगी.