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नोटबंदी के कारण सूना रहा इस बार का ट्रेड फेयर, व्यापारी भी निराश

इसी तरह मसाला व्यापारी विजय पिछले 7 साल से इस मेले में अपनी दुकान लगा रहे हैं लेकिन इनके मुताबिक इस बार लोगों के पास करेंसी की इतनी प्रॉब्लम रही कि उनकी सेल 70 फीसदी तक गिर गई. इनके मुताबिक लोग देखने तो आ रहे हैं लेकिन खरीद नहीं रहे.

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नोचबंदी का पड़ा मेले के कारोबार पर असर
नोचबंदी का पड़ा मेले के कारोबार पर असर

नोटबंदी के कारण दिल्ली में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला की शुरुआत काफी अच्छी नहीं रही थी, लेकिन जैसे ही लोगों के पास कैश आना शुरू हुआ व्यापार मेले में भीड़ बढ़ने लगी. अंतिम दिनों में मेले में रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिली.

हालांकि अगर व्यापारियों की बात करें तो इस बार व्यापारी काफी निराश दिखे, व्यापारियों ने कहा कि इस बार सेल हर बार से आधी ही रही. पिछले 20 वर्षों से ट्रेडफेयर में दुकान लगा रहे वुडकार जी बोले कि उनकी दुकानदारी में इस बार बेहद गिरावट रही, बिक्री लगभग आधी ही रही.

इसी तरह मसाला व्यापारी विजय पिछले 7 साल से इस मेले में अपनी दुकान लगा रहे हैं लेकिन इनके मुताबिक इस बार लोगों के पास करेंसी की इतनी प्रॉब्लम रही कि उनकी सेल 70 फीसदी तक गिर गई. इनके मुताबिक लोग देखने तो आ रहे हैं लेकिन खरीद नहीं रहे.

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मेले में जिन लोगों ने पहली और दूसरी बार स्टाल लगाया हैं उनकी लागत तो निकल गई हैं लेकिन फिर प्रॉफिट उतना नहीं हुआ जितनी उम्मीद की थी. वहीं अमरावती के चूड़ी व्यापारी जावेद का भी यहां दूसरा साल हैं लेकिन नोट बंदी ने उन्हें भी निराश ही किया हैं.

गौरतलब है कि ट्रेडफेयर का लोगों को सालभर इंतजार रहता हैं, लेकिन इस बार मेले से ठीक पहले हुई नोटबंदी ने मेले के कारोबार और दर्शको की संख्या पर पिछली बार के मुकाबले काफी असर डाला है.

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