अशोक कुमार लाहिड़ी अगले महीने शुरू होने वाले कोलकाता के बंधन बैंक के चीफ बनाये जाएंगे. बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज देश का पहला माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूट है जिसे बैंक लाइसेंस मिला है. बैंकिंग क्षेत्र में यह सबसे युवा कंपनी होगी. बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के संस्थापक चंद्रशेखर घोष बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे.
कौन हैं अशोक कुमार लाहिड़ी?
लाहिड़ी इससे पहले भारत सरकार के 'आर्थिक कार्य विभाग' के चीफ एडवाइजर के पद पर तैनात थे. इसके पूर्व उन्होंने 'एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया' और 'यूको बैंक' के डायरेक्टर के पद पर भी अपनी सेवाएं दी है और एशियन डेवलपमेंट बैंक में एग्जीक्यूटिव भी रह चुके हैं.
क्या नया है 'बंधन' में?
बंधन बैंक इससे पहले एक माइक्रो फाइनेंस फर्म थी जिसकी स्थापना चंद्रशेखर घोष ने 2001 में की थी. घोष ने बंधन पर बात करते हुए बताया कि 27 राज्यों में 600 शाखाओं और 250 एटीएम के साथ संचालन शुरू करने की योजना हैं. 3,200 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ बैंकिंग शुरू करने वाला यह बैंक शुरू में जमा (डिपॉजिट) लेने की गतिविधि पर ध्यान केंद्रित करेगा. साल 2020 तक बंधन 1 करोड़ गरीब परिवारों तक पहुंचना चाहती है. सामाजिक रूप से पिछड़े और आर्थिक रूप ये पिछड़ी महिलाओं को वित्तीय सहायता देना 'बंधन' के एजेंडे में सबसे ऊपर है.
दिग्गज है 'बंधन'
माइक्रो फाइनेंस के क्षेत्र की दिग्गज बंधन को 2007 में फोर्ब्स पत्रिका ने दुनिया की शीर्ष 50 माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूट में दूसरे स्थान पर रखा था.
बंधन की पहुंच का अंदाजा इस बात से लगा सकते है कि इस साल फरवरी के अंत तक इसकी 22 राज्यों की 2,016 शाखाओं में इसके 52.33 लाख कर्जधारक हैं. बैंकिंग के लिए रिजर्व बैंक से हरी झंडी मिलने के बाद अब यह बंधन माइक्रोफाइनेंस इंस्टिट्यूट से बंधन बैंक बनने वाला है.
महामहिम काटेंगे फीता
पश्चिम बंगाल में स्वतंत्रता के बाद गठित होने वाले इस पहले बैंक का उद्घाटन 23 अगस्त 2015 को कोलकाता में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी करेंगे.