आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई लगातार ये कहने में जुटी हुई है कि आधार सबसे ज्यादा सुरक्षित है, लेकिन अथॉरिटी के इस दावे को एक फ्रांसीसी विशेषज्ञ ने खारिज किया है. उसने mAadhar ऐप में कई खामियां ढूंढ निकालीं और लोगों को हिदायत दी कि इस ऐप को इस्तेमाल न करें.
फ्रांस के बैप्टिस्ट रॉबर्ट जो कि एलियट एल्डरसन के नाम से सोशल मीडिया पर मौजूद हैं. उन्होंने एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है. इसमें उन्होंने बताया है कि कैसे आप महज 1 मिनट में आधार एंड्रॉयड ऐप के पासवर्ड प्रोटेक्शन सिस्टम को चकमा दे सकते हैं. इस वीडियो में उन्होंने यूआईडीएआई के एंड्रॉइड ऐप में कई खामियां गिनाई हैं. रॉबर्ट ने इस वीडियो में बताया है कि किस तरह mAadhar के पासवर्ड मैकेनिज्म को तोड़कर आधार डिटेल निकाली जा सकती हैं.
How to bypass the password protection of the official in 1 minute.
For this attack, the attacker need a physical access to the phone, rooted phone is not needed and yes this is the latest version of the app.
cc
— Elliot Alderson (@fs0c131y)
हाल ही में रॉबर्ट ने दावा किया था कि उसने 20 हजार से भी ज्यादा आधार हासिल कर ली है. रॉबर्ट ने इंडिया टुडे से बातचीत में अपने दावे को लेकर कहा कि ये कार्ड आसानी से इंटरनेट पर हासिल किए जा सकते हैं. हर चीज सार्वजनिक मंच पर है. इसके लिए किसी हैकिंग की भी जरूरत नहीं है.
In less than 3 hours, I found more than 20000 Aadhaar cards available publicly on the web. Repeat after me: is secure, is secure...
— Elliot Alderson (@fs0c131y)
इसके लिए आपको सिर्फ गूगल का इस्तेमाल करने की जरूरत है. इन कार्ड की डिटेल के सर्वर से नहीं ली गई हैं. रॉबर्ट ने हिदायत दी है कि आधार एंड्रॉइड का इस्तेमाल न करें. उन्होंने इसे यूज करने वाले लोगों को सतर्क रहने का सुझाव दिया है.
रॉबर्ट के इस दावे पर आधार अथॉरिटी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. यूआईडीएआई ने कहा है कि सिर्फ किसी का आधार नंबर हासिल कर लेने से उस नंबर के नहीं मिल जाती. अथॉरिटी ने कहा कि सिर्फ आधार नंबर के बूते पर किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है. क्योंकि निजी जानकारी एक्सेस करने के लिए बायोमैट्रिक डिटेल जरूरी है.
UIDAI has dismissed the reports as irresponsible which appeared in a section of social and other media on security of Aadhaar system being questioned on account of a few Aadhaar cards reportedly put on the internet by some unscrupulous elements. 1/n
— Aadhaar (@UIDAI)