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हाईराइज अपार्टमेंट्स, मॉल और साइकल ट्रैक, गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा नया प्रयागराज

594 किलोमीटर का ये एक्सप्रेसवे मेरठ से सीधे प्रयागराज को जोड़ेगा इससे न सिर्फ दूरी कम होगी बल्कि इससे सटे पूरे इलाके की तस्वीर बदल जाएगी और प्रॉपर्टी के दामों में भी कई गुना बढ़ोतरी होगी.

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एक्सप्रेसवे के किनारे 1600 हेक्टेयर में बनेंगी आधुनिक टाउनशिप (सांकेतिक फोटो: PEXELS)
एक्सप्रेसवे के किनारे 1600 हेक्टेयर में बनेंगी आधुनिक टाउनशिप (सांकेतिक फोटो: PEXELS)

गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि आधुनिक विकास की वह जीवनरेखा बनने जा रहा है जो पूरे शहर का कायाकल्प कर सकता है. इस महापरियोजना के किनारे बसने वाले नए शहर प्रयागराज की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखते हैं. प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने नए टाउनशिप विकसित करने की एक योजना को मंजूरी दी है.

इनका निर्माण गंगा एक्सप्रेसवे और इनर रिंग रोड के किनारे किया जाना है. शहर के बाहरी इलाकों को आधुनिक और आत्मनिर्भर शहरों में बदलने की एक शहरी विस्तार योजना है.

इन टाउनशिप को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि यहां आवासीय, व्यावसायिक और ग्रीन एरिया उपलब्ध हों. इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जैसे-जैसे शहर का विकास हो, इसकी व्यवस्था और सुगमता बनी रहे.

यह भी पढ़ें: गंगा एक्सप्रेसवे का काउंटडाउन, यूपी के इन जिलों में जमीन के दाम छुएंगे आसमान

कैसे अलग होगी ये टाउनशिप

मैजिकब्रिक्स के मुताबिक यह नई टाउनशिप योजना पारंपरिक कॉलोनियों से पूरी तरह अलग, आधुनिक 'मिनी-सिटी'  के कॉन्सेप्ट पर आधारित है. इन इंटीग्रेटेड टाउनशिप को 'मिक्स्ड-लैंड यूज' मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां एक ही परिसर में ऊंची इमारतों वाले अपार्टमेंट्स और प्लॉटेड डेवलपमेंट के साथ-साथ विश्वस्तरीय शॉपिंग मॉल, अस्पताल और स्कूलों की सुविधा उपलब्ध होगी.

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भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यहां स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिक वायरिंग और समर्पित साइकिल ट्रैक शामिल होंगे. सबसे खास बात यह है कि विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए चार मुख्य स्थानों पर लगभग 1600 हेक्टेयर का विशाल क्षेत्र पार्क और ओपन स्पेस के लिए सुरक्षित रखा गया है.

भौगोलिक रूप से यह परियोजना बेहद रणनीतिक स्थान पर स्थित है. गंगा एक्सप्रेसवे और इनर रिंग रोड के ठीक बगल में होने के कारण यहां के निवासी शहर के भारी ट्रैफिक में फंसे बिना प्रदेश के किसी भी हिस्से में तेजी से आवाजाही कर सकेंगे. वर्तमान में यह प्रोजेक्ट अपने क्रियान्वयन के सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है.

मार्च 2026 में हुई PDA बोर्ड की हालिया बैठक में शहर की सीमाओं के विस्तार को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है, जिसके तहत लगभग 200 नए गांवों को विकास के दायरे में शामिल किया गया है. 

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