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World Bank बंद करेगा अपनी ‘Ease Of Doing Business' रिपोर्ट, ये है वजह

विश्वबैंक अपनी कारोबार सुगमता रिपोर्ट बंद करने जा रहा है. विश्वबैंक की ये रिपोर्ट किस देश में नया कारोबार शुरू करना आसान है, इसके बारे में जानकारी देती है. जानें वर्ल्ड बैंक क्यों बंद कर रहा है ये रिपोर्ट...

विश्वबैंक बंद करेगा अपनी कारोबार सुगमता रिपोर्ट विश्वबैंक बंद करेगा अपनी कारोबार सुगमता रिपोर्ट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ‘बीते सालों में तेजी से सुधरी है भारत की रैकिंग’
  • ’कारोबार सुगमता में भारत अभी 63 वें स्थान पर’
  • ‘2014 में 142वां था भारत का इस रैकिंग में स्थान’

दुनिया के किस देश में नया कारोबार शुरू करना कितना आसान है, इसकी जानकारी देने वाली World Bank की Ease Of Doing Business रिपोर्ट बंद होने जा रही है. बीते कुछ सालों में इस संदर्भ में भारत की रैकिंग तेजी से सुधरी है. 

वर्ल्ड बैंक का बयान

विश्वबैंक (World Bank) ने गुरुवार को एक बयान में स्पष्ट किया कि वो अपनी कारोबार सुगमता (Doing Business) रिपोर्ट को बंद करेगा. साथ ही उसने कहा कि वह देशों में निवेश और कारोबार के माहौल के आकलन के लिए नई एप्रोच पर काम करेगा. 

ये है रिपोर्ट बंद करने की वजह

वर्ल्ड बैंक के बयान के मुताबिक इस कारोबार सुगमता रिपोर्ट को बंद करने की वजह डेटा की अनियमितता को लेकर उठाए गए सवाल हैं. आंतरिक जांच के दौरान  वर्ष 2018 और 2020 की रिपोर्ट में डेटा अनियमितता को लेकर सवाल खड़े हुए थे. 

वर्ल्ड बैंक की जांच रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टलीना जॉर्जिवा का नाम भी सामने आया है. IMF में जाने से पहले वह World Bank की सीईओ थीं.


भारत की Ease of Doing Business रैकिंग

बीते कुछ सालों में Doing Business रिपोर्ट में भारत की रैकिंग सुधरी है. वर्ष 2020 में भारत की रैकिंग 63 रही. इसकी एक बड़ी वजह मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों को माना जाता है. वर्ष 2014 में जब वह प्रधानमंत्री बने थे तब इस रैंकिंग में भारत का स्थान 142 था. 2017 में ये 130 और 2018 में 77 हुआ. 

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