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आम आदमी के लिए कितनी फायदेमंद है व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी? समझें इन 10 पॉइंट में

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को नेशनल व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लॉन्च कर दी. इसकी घोषणा इस साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की थी. देश के ऑटो सेक्टर और इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए इसे बेहद जरूरी माना जा रहा था. ये पॉलिसी क्या है, इससे कितना और कैसा फायदा होगा, इन सब बातों को आप सिर्फ इन 10 पॉइंट में समझ सकते हैं.

व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लॉन्च (File Photo) व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लॉन्च (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ‘पुरानी गाड़ियों पर लग सकता है ग्रीन टैक्स’
  • ‘नई गाड़ियों की कॉस्ट 40% तक कम होगी’
  • ‘नई गाड़ियां घटाएंगी प्रदूषण, ईंधन का खर्च’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को नेशनल व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लॉन्च कर दी. इसकी घोषणा इस साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की थी. देश के ऑटो सेक्टर और इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए इसे बेहद जरूरी माना जा रहा था. ये पॉलिसी क्या है, इससे कितना और कैसा फायदा होगा, इन सब बातों को आप सिर्फ इन 15 पॉइंट में समझ सकते हैं.

1. बजट में हुई थी घोषणा

मोदी सरकार के आने के बाद लंबे समय से व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी को लाने की बात की जा रही थी. लेकिन इस साल जब 1 फरवरी 2021 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इसकी घोषणा की तो साफ हो गया कि अब पुराने वाहनों को कबाड़ में भेजने की पॉलिसी इसी साल आएगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इसे लॉन्च भी कर दिया. 

2. क्या है व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी

इस पॉलिसी के हिसाब से अब देश में एक तय सीमा से पुराने वाहनों को अपना फिटनेस टेस्ट कराना होगा.  ये टेस्ट वाहनों के इंजन की हालत, उनका एमिशन स्टेटस और फ्यूल एफिशिएंसी, सेफ्टी जैसे कई पैरामीटर पर होगा. यदि पुराने वाहन इस फिटनेस टेस्ट में फेल होते हैं, तो उनका पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उन्हें स्क्रैप में भेज दिया जाएगा. 

3. कितनी लिमिट है व्हीकल के लिए

व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के हिसाब से 10 साल से ज्यादा पुराने कमर्शियल व्हीकल और 15 साल पुराने प्राइवेट पैसेंजर व्हीकल को ये फिटनेस टेस्ट देना होगा. ये इस लिमिट में आने वाले पुराने वाहनों के लिए अनिवार्य होगा. भले ये गाड़ियां फिटनेस टेस्ट में पास भी हो जाएं तो भी उनका रजिस्ट्रेशन रीन्यू कराना होगा.

4. होगा शहरों में प्रदूषण कम

दिल्ली जैसे शहर में सर्दियों के दिनों में स्मॉग की समस्या देखी जाती है. बाकी छोटे शहरों में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स की हालत अच्छी नहीं है. व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी से सरकार की मंशा शहरी इलाकों से ऐसे अनफिट पुराने व्हीकल को हटाना है जो ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं. देश में अब नए वाहन BS6 के अनुरूप आते हैं. ये प्रदूषण कम फैलाते हैं.

5. घटेगा पेट्रोल का खर्च भी

व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी का एक मकसद वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी को भी बढ़ाना है. पुराने वाहन उस समय की टेक्नोलॉजी के हिसाब से बने हैं. पिछले 15-20 साल में व्हीकल टेक्नोलॉजी काफी सुधरी है और नए वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी भी बेहतर हुई है. केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने 18 मार्च 2021 को संसद में कहा था कि 1974 में उनके पास जो स्कूटर था वो 24 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देता था, आज बाजार में जितने स्कूटर आते हैं 60-70 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देते हैं.

6. इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ाना

मोदी सरकार देश में जोर-शोर से इलेक्ट्रिक व्हीकल को भी बढ़ावा दे रही है. ऐसे वाहनों की खरीद पर केन्द्र सरकार जहां FAME 2 सब्सिडी देती है. वहीं कई राज्य सरकारें भी अलग से सब्सिडी दे रही हैं. ऐसे में व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी से जो वाहन सड़कों से हटेंगे उनमें से एक बड़े हिस्से के इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाने की उम्मीद है. इससे एक तो प्रदूषण कम होगा, दूसरा ग्राहक का फ्यूल कॉस्ट घटेगा, तीसरा देश का क्रूड इंपोर्ट भी कम होगा.

7. व्हीकल स्क्रैप से आम आदमी को ये फायदा

सरकार ने व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी को वॉलियंटरी व्हीकल मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम (VVMP) नाम दिया है. अगर किसी की गाड़ी फिटनेस टेस्ट में फेल होती है तो उसे देशभर में बनने वाले 60 से 70 रजिस्टर्ड स्क्रैप फैसिलिटी में अपनी गाड़ी को जमा कराना होगा. पुरानी गाड़ी देने के बदले उसे एक ‘डिपॉजिट सर्टिफिकेट’ मिलेगा जो नई गाड़ी खरीदने पर कई तरह के बेनेफिट देगा. साथ ही उसे पुरानी गाड़ी की स्क्रैप वैल्यू मिलेगी जो नई गाड़ी की एक्स-शोरूम प्राइस के 4 से 6 प्रतिशत के बराबर होगी.

8. ‘डिपॉजिट सर्टिफिकेट’ के क्या फायदे

पुराने व्हीकल को कबाड़ में देने पर आपको जो ‘डिपॉजिट सर्टिफिकेट’ मिलेगा. ऑटो कंपनियां उसके बदले आपको नई गाड़ी खरीदते समय एक्स-शोरूम प्राइस के 5% तक का डिस्काउंट देंगी. इसके अलावा नए व्हीकल की रजिस्ट्रेशन फीस शून्य हो जाएगी. वहीं राज्य सरकारें ग्राहकों को प्राइवेट व्हीकल के लिए 25% और कमर्शियल व्हीकल के लिए 15% तक रोड टैक्स रिबेट दे सकती हैं.

9. पुरानी गाड़ी रखने के नुकसान

मान लीजिए आपकी 15 साल पुरानी गाड़ी फिटनेस टेस्ट पास भी कर लेती है तो भी उसे रखने के कई नुकसान होंगे. जैसे राज्य सरकारें उन गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स वसूल सकती हैं. इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन रीन्यू करने के लिए ज्यादा फीस वसूल सकती हैं. ऊपर से पुरानी होने की वजह से इनकी मेंटिनेंस कॉस्ट और फ्यूल कॉस्ट भी ज्यादा होगी. वहीं अनफिट व्हीकल का ऑटोमेटिक डी-रजिस्ट्रेशन हो जाएगा.

10. 40% तक सस्ती होंगी नई गाड़ियां

व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी लॉन्च करते वक्त नितिन गडकरी ने कहा कि पुरानी गाड़ियों के स्क्रैप में जाने से गाड़ियों में लगने वाला कच्चा माल रिकवर होगा और ये काफी सस्ता होगा. इससे ऑटो कंपनियों की लागत घटेगी और नई गाड़ियों की लागत 40% तक कम होगी, जिसका अंत में फायदा कंज्यूमर को मिलेगा.

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