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Wipro के शेयर बायबैक को मंजूरी, जानें- निवेशकों पर क्‍या होगा असर

विप्रो ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसके निदेशक मंडल ने 9,500 करोड़ रुपये की शेयर बायबैक योजना को मंजूरी दे दी है.

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विप्रो ने भी बायबैक को मंजूरी दे दी
विप्रो ने भी बायबैक को मंजूरी दे दी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक और आईटी कंपनी का बायबैक
  • विप्रो बोर्ड बैठक में बायबैक को मंजूरी
  • बीते हफ्ते टीसीएस ने किया था ऐलान

बीते हफ्ते आईटी सेक्टर की कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (टीसीएस) ने शेयरों को बायबैक करने की घोषणा की थी. टीसीएस के बाद अब एक और आईटी कंपनी विप्रो ने भी बायबैक को मंजूरी दे दी है. विप्रो ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसके निदेशक मंडल ने 9,500 करोड़ रुपये की शेयर बायबैक योजना को मंजूरी दे दी है. कंपनी यह बायबैक 400 रुपये प्रति शेयर के भाव पर करेगी. आइए जानते हैं कि बायबैक क्‍या है और इसका निवेशकों को कैसे फायदा मिलेगा..  

क्‍या होता है बायबैक 
आमतौर पर निवेश के लिए निवेशक को कंपनी का शेयर खरीदना होता है. लेकिन जब कोई कंपनी बायबैक लेकर आती है तो इसमें उलटा मामला होता है. बायबैक में कंपनी अपने ही शेयर निवेशकों से खरीदती है. बायबैक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन शेयरों का वजूद खत्म हो जाता है. 

क्‍यों बायबैक होता है जरूरी 
बायबैक की सबसे बड़ी वजह कंपनी की बैलेंसशीट को संतुलित करना होता है. कई बार कंपनियों के बैलेंसशीट में अतिरिक्त नकदी होती है. इस अतिरिक्‍त नकदी को खत्‍म करने के लिए कंपनी बायबैक का ऐलान करती है. वहीं, बायबैक की एक अन्‍य वजह शेयर वैल्‍यू है. दरअसल, कंपनी को अगर लगता है कि उसके शेयर का भाव अब भी कम है. तो उस भाव को बढ़ाने के लिए कंपनी बायबैक लाती है.  

निवेशकों को क्‍या करना चाहिए? 
बायबैक को लेकर एक्‍सपर्ट्स की लगभग एक सी राय है. एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक आपको लगता है कि कंपनी के अच्‍छे दिन खत्‍म होने वाले हैं तो बेशक बायबैक के जरिए कुछ मुनाफा कमा सकते हैं. वहीं, अगर आप लॉन्‍ग टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं तो आपको इससे बचना चाहिए.

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विप्रो का बायबैक कब आएगा? 
विप्रो के मुताबिक बायबैक कार्यक्रम शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है. शेयरधारकों से मंजूरी डाक मतपत्रों के जरिए ली जाएगी. इसके तहत 400 रुपये प्रति इक्विटी के भाव पर 23.75 करोड़ शेयर की बायबैक की जाएगी. इस प्रकार, यह कुल 9,500 करोड़ रुपये तक का होगा. यह कंपनी की 30 सितंबर, 2020 की स्थिति के अनुसार चुकता शेयर पूंजी का 4.16 प्रतिशत है.

तिमाही नतीजे में घाटा 
विप्रो का शुद्ध लाभ 30 सितंबर, 2020 को समाप्त तिमाही में 3.4 प्रतिशत घटकर 2,465.7 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का शुद्ध लाभ इससे पूर्व वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तमाही में 2,552.7 करोड़ रुपये था. विप्रो की आय चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 15,114.5 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रही.

बता दें कि मंगलवार को विप्रो का शेयर बीएसई में 6.4 प्रतिशत बढ़कर 375.5 रुपये पर बंद हुआ. विप्रो ने मौजूदा तिमाही मे आईटी सेवा कारोबार से आय 202.2 से 206.2 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान लगाया है. यह तिमाही आधार पर 1.5 से 3.5 प्रतिशत वृद्धि को बताता है.


 

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