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बिना ब्याज राज्यों के लिए 50 साल का लोन, हिमाचल-उत्तराखंड के हिस्से में 900 करोड़

केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यों के लिए स्पेशल ब्याज मुक्त लोन का ऐलान किया. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राज्यों को 50 साल के लिए स्पेशल इंटरेस्ट फ्री लोन दिया जाएगा.

राज्यों को लोन की सुविधा राज्यों को लोन की सुविधा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राज्यों के लिए स्पेशल इंटरेस्ट फ्री लोन स्कीम
  • ब्याज मुक्त लोन लौटाने के लिए 50 साल का वक्त मिलेगा
  • 1600 करोड़ नॉर्थ ईस्ट के 8 राज्यों को मिलेगा
केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यों के लिए स्पेशल ब्याज मुक्त लोन का ऐलान किया. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राज्यों को 50 साल के लिए स्पेशल इंटरेस्ट फ्री लोन दिया जाएगा.

वित्त मंत्री ने बताया कि राज्यों को ये 12,000 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त लोन कैपिटल एक्सपेंडिचर ( पूंजीगत व्यय) के लिए दिया गया है. यह रकम राज्यों की लोन लेने की सीमा से अलग दिया गया है. सबसे खास बात यह है कि राज्यों को ये ब्याज मुक्त लोन लौटाने के लिए 50 साल का वक्त मिलेगा. 

सरकार के मुताबिक इस फंड का पहला हिस्सा 2500 करोड़ रुपये का होगा, इसमें से 1600 करोड़ रुपये नॉर्थ ईस्ट राज्यों को दिया जाएगा. जबकि बाकी 900 करोड़ रुपये उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को दिए जाएंगे. 1600 करोड़ नॉर्थ ईस्ट के 8 राज्यों को मिलेगा.

इसके अलावा देश के बाकी राज्यों को दूसरे पार्ट के तहत 7500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इस रकम का बंटवारा राज्यों के बीच फाइनेंस कमीशन में राज्यों की हिस्सेदारी के आधार पर तय किया जाएगा.

केंद्र सरकार 50 साल के लिए 12,000 करोड़ रुपए का जो लोन दे रही है, उसमें पहला और दूसरा हिस्सा ब्याज मुक्त होगा. लेकिन इस रकम को 31 मार्च 2021 तक खर्च करना होगा. इसका 50 फीसदी हिस्सा पहले दिया जाएगा. उसके इस्तेमाल होने के बाद बाकी का 50 फीसदी दिया जाएगा.

कैपिटल एक्सपेंडिचर के तीसरे पार्ट के तहत लोन उन राज्यों मिलेगा जो आत्मनिर्भर फिस्कल डिफेसिट पैकेज के 4 रिफॉर्म्स में से 3 शर्तों को पूरा कर रहे हों. इसके लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
 

 

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