समाजवादी पार्टी के फाउंडर दिवंगत मुलायम सिंह यादव की छोटे बेटे और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन (Prateek Yadav Death) हो गया. बुधवार को लखनऊ में उन्होंने अंतिम सांस ली. 38 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले वे कई दिनों से बीमार चल रहे थे. प्रतीक राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखते थे, लेकिन खुद राजनीति से दूरी बनाए हुए थे. उनके बिजनेस की बात करें, तो खासतौर पर वे रियल एस्टेट में एक्टिव थे और इसके साथ ही जिम व फिटनेस सेंटर बिजनेस में सक्रिय थे. उनकी संपत्ति (Prateek Yadav Networth) की बात करें, ये करोड़ों में बताई जा रही है.
अपने पीछे छोड़ गए करोड़ों की संपत्ति!
फोर्ब्स इंडिया की रिपोर्ट की मानें, तो दिवंगत प्रतीक यादव का रियल एस्टेट बिजनेस था. उनकी अनुमानित 6-7 करोड़ रुपये की संपत्ति में एक बड़ा हिस्सा इसी प्रॉपर्टी बिजनेस का रहा. बता दें कि संपत्ति के इस अनुमानित आंकड़े में बदलाव भी हो सकता है. न सिर्फ Prateek Yadav Real Estate Business से कमाई करते थे, तो दूसरी ओर जिम और फिटनेस सेंटर्स के जरिए भी उनकी इनकम होती थी.
Gym-फिटनेस कारोबार से मोटी कमाई
प्रतीक यादव की नेटवर्थ में उनके जिम और फिटनेस सेंटर से होने वाली कमाई का भी बड़ा रोल रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक ने लखनऊ में हाई एंड जिम का बिजनेस शुरू किया था, जो तेजी से ग्रोथ कर रहा था. लखनऊ के गोमती नगर आयरन कोर फिट (Iron Core Fit Gym) से लेकर दि फिटनेस प्लानेट तक तमाम फिटनेस सेंटर्स का संचालन प्रतीक यादव करते थे. इसके अलावा वे फिटनेस ब्रांड प्रमोशन के जरिए भी कमाई करते थे.

फिटनेस सेंटर्स का संचालन करने के साथ ही प्रतीक यादव खुद की फिटनेस पर भी हमेशा फोकस करते थे. उनके सोशल मीडिया पर उनकी जिम वर्कआउट से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो देखने को मिलते हैं.
लग्जरी कारों के शौकीन, लैंबॉर्गिनी में घूमते थे
रियल एस्टेट और जिम बिजनेस के साथ ही प्रतीक यादव लग्जरी कारों के भी शौकीन थे. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके कार कलेक्शन में करीब 5 करोड़ रुपये कीमत वाली लैम्बॉर्गिनी सभी शामिल हैं. इसके अलावा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Prateek Yadav Car Collection में रेंज रोवर से लेकर टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसे लग्जरी कारें भी शामिल हैं. उन्हें कार रेसिंग का भी शौक था.

लंदन से MBA, राजनीति से दूरी
बड़े राजनीतिक घराने से संबंध होने के बाद भी प्रतीक यादव ने खुद को हमेशा से ही राजनीति से दूर रखा. उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में ये कहा था कि जब तक संभव होगा, वे राजनीति में एंट्री नहीं लेंगे. यही कारण है समाजवादी फैमिली से ताल्लुक रखने के बाद भी उन्होंने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा.
प्रतीक यादव ने लंदन की लीड्स यूनिवर्सिटी से MBA किया और अपना करियर राजनीति से हटकर जिफ, फिटनेस और रियल एस्टेट सेक्टर में बनाया.
क्या बिजनेस की वजह से डिप्रेशन में थे प्रतीक?
प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है, लेकिन ऐसे भी दावे सामने आ रहे हैं कि वह डिप्रेशन से गुजर रहे थे. हालांकि, इसे लेकर डॉक्टरों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. इस बीच प्रतीक के भाई उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि, 'प्रतीक हेल्थ को लेकर जागरूक था और अपने बिजनेस में व्यस्त रहता था. लेकिन कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो जाता है.'