इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को पीएम मोदी द्वारा'मेलोडी' टॉफी गिफ्ट करने के बाद, एक दूसरे पारले कंपनी के शेयरों में तेजी रुकने का नाम नहीं ले रही है. हर दिन इसके शेयरों में तेजी देखी जा रही है. तीन दिनों से यह शेयर अपर सर्किट पर कारोबार कर रहा है.
वहीं असली पारले कंपनी, जो मेलोडी बनाती है, वह स्टॉक मार्केट में लिस्ट भी नहीं है. नाम का कंफ्यूजन अभी भी निवेशकों के बीच खत्म नहीं हुआ है और निवेशक पारले प्रोडक्ट्स को समझकर पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद रहे हैं, जिस कारण कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन तेजी से बढ़ रहा है.
3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई
पारले इंडस्ट्रीज के शेयर शुक्रवार को 4.90% बढ़कर 5.78 रुपये पर पहुंच गए. मई 2025 में इस शेयर का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 17.44 रुपये है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन वर्तमान में लगभग 28.23 करोड़ रुपये है. वहीं तीन दिन पहले इस कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 25 करोड़ रुपये से भी कम था. ऐसे में देखा जाए तो इस कंपनी में निवेश करके निवेशकों ने तीन दिनों के दौरान 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर डाली है.
क्यों आ रही इस कंपनी के शेयरों में तेजी?
पारले के शेयरों में तेजी ऐसे समय में जारी है, जब यह जानकारी सामने आ चुकी है कि इसका मेलोडी टॉफी से कोई लेना देना नहीं है. खैर तेजी तब शुरू हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इटली यात्रा के दौरान इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी उपहार में दी. शेयर किए गए वीडियो में, मोदी ने मेलोनी को मेलोडी कैंडी का एक पैकेट सौंपा, जिसे कई ऑनलाइन यूजर्स ने दोनों नेताओं के लिए सोशल मीडिया पर इस्तेमाल किए जाने वाले वायरल उपनाम "मेलोडी" के लिए एक मजाकिया टोन में लिया.
यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया, इसे लाखों बार देखा गया और इसने ऑनलाइन सनसनी मचा दी. इसके तुरंत बाद, खुदरा निवेशकों ने पारले इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी भ्रम के कारण निवेश करना शुरू कर दिया. भ्रम की बात सामने आने के बाद भी, शेयर खरीदने में रुचि बनी हुई है.
तेजी के बाद भी लंबे समय के दौरान बड़ी गिरावट
बाजार एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम मार्केट कैपिटलाइजेशन वाले कम कीमत के शेयरों में अक्सर रिटेल ट्रेडर्स एक्टिविटी में तेजी आने पर कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. दिलचस्प बात यह है कि हालिया तेजी के बावजूद, शेयर लंबी अवधि में अभी भी काफी नीचे है. पिछले तीन महीनों में 40% से अधिक की गिरावट, छह महीनों में लगभग 46% की गिरावट और पिछले एक साल में 68% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)