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भीषण गर्मी के बीच बढ़ी Petrol-Diesel की बिक्री, जून में उछलकर यहां पहुंचा आंकड़ा

Petrol-Diesel Sales In India: गर्मी की छुट्टियों में लोगों के यात्राओं पर निकलने, बुवाई का सीजन शुरू होने और देश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री में जोरदार इजाफा देखने को मिल रहा है.

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जून में बढ़ी पेट्रोल-डीजल की बिक्री
जून में बढ़ी पेट्रोल-डीजल की बिक्री
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अप्रैल में दाम बढ़ने से मांग पर दिखा था असर
  • जेट फ्यूल की बिक्री दोगुने से ज्यादा बढ़ी

देश में आर्थिक गतिविधियां तेज होने और भीषण गर्मी के मौसम में लोगों द्वारा की जा रही यात्राओं के बीच ईंधन (Fuel) की मांग में तेज इजाफा देखने को मिला है. इसके चलते सालाना आधार पर पेट्रोल (Petrol) की बिक्री में जहां 29 फीसदी का उछाल आया है, तो डीजल (Diesel) की खपत 35.2 फीसदी बढ़ गई है. 

पेट्रोल की खपत 29 फीसदी बढ़ी
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र के ईंधन विक्रेताओं द्वारा जून (June) महीने में पेट्रोल की बिक्री 28 लाख टन रही, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 29 फीसदी ज्यादा है. जबकि कोरोना (Corona) की दूसरी लहर ने कहर बरपाया था. गौरतलब है कि जून 2020 की तुलना में पेट्रोल की खपत 36.7 फीसदी और जून 2019 की तुलना में 16.5 फीसदी ज्यादा दर्ज की गई है. मासिक आधार पर देखें तो पेट्रोल की बिक्री में 3.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 

डीजल की मांग में जोरदार वृद्धि
फसल बुवाई का सीजन (Cropping Season) शुरू होने से जून महीने में पेट्रोल के साथ ही डीजल की बिक्री में भी जोरदार इजाफा देखने को मिला है. आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो डीजल की मांग दोहरे अंक में बढ़ी है. सालाना आधार पर इसकी खपत 35.2 फीसदी बढ़कर जून में 73.8 लाख टन हो गई. यह आंकड़ा जून 2019 की तुलना में 10.5 फीसदी और जून 2020 की तुलना में 33.3 फीसदी ज्यादा है. मासिक आधार पर देखें तो बीते महीने यानी मई की तुलना में डीजल की बिक्री 11.5 फीसदी ज्यादा हुई है. मई में 67 लाख टन डीजल की बिक्री की गई थी. 

मांग बढ़ने का यह बड़ा कारण
उद्योग से जुड़े सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि और परिवहन क्षेत्रों द्वारा उच्च खपत के कारण डीजल की मांग में खासी तेजी देखने को मिल रही है. इसमें कहा गया कि मई के बाद से ईंधन की खपत तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि वार्षिक गर्मी की छुट्टियों के कारण लोग यात्रा के लिए घरों से ज्यादा बाहर निकल रहे हैं. 

अप्रैल में दर्ज की गई थी गिरावट
जहां एक ओर मई और जून दोनों महीनों में पेट्रोल-डीजल की मांग और खपत में बढ़ोतरी देखने को मिली है, वहीं इससे पिछले अप्रैल महीने में चार महीने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की वजह से खपत में गिरावट दर्ज की गई थी. 

एलपीजी और एटीएफ का ये हाल
कुकिंग गैस यानी एलपीजी, जिसके दाम में मार्च से अब तक करीब 103.50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की जा चुकी है, की बिक्री जून में 0.23 फीसदी बढ़कर 22.6 लाख टन रही। यह जून 2021 से छह फीसदी, जून 2020 के मुकाबले 9.6 फीसदी और जून 2019 की तुलना में 27.9 फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा दो साल बाद विमानन क्षेत्र खुलने के बाद जेट ईंधन (एटीएफ) की बिक्री दोगुनी से अधिक बढ़कर 535,900 टन हो गई है.

 

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