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IOCL On Petrol-Diesel Price Hike: 'एक साथ बोझ नहीं डाल सकते', थोड़े-थोड़े करके बढ़ते रहेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? तेल कंपनियों ने दिए संकेत

Petrol-Diesel Price Hike: देश में पेट्रोल-डीजल पर महंगाई की पांच दिन में दोहरी मार पड़ी है. वहीं तेल कंपनियों का कहना है कि अभी ईंधन और कितना महंगा होगा इसका कोई आंकड़ा तय नहीं है.

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पेट्रोल-डीजल की कीमतें पांच दिन में दूसरी बार बढ़ीं. (Photo: PTI)
पेट्रोल-डीजल की कीमतें पांच दिन में दूसरी बार बढ़ीं. (Photo: PTI)

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ गई हैं. मंगलवार को Petrol-Diesel Price Hike करते हुए इनकी कीमतें करीब 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दी गई हैं. नई कीमतें मंगलवार से लागू भी कर दी गई हैं, ये पांच दिन में ईंधन की कीमतों में दूसरी बढ़ोतरी है. इस ताजा इजाफे के बाद अब ये सवाल उठने लगा है कि क्या तेल कंपनियां साल 2022 की तरह कीमतों में लगातार एक के बाद बढ़ोतरी करेंगी. पेट्रोल-डीजल को लेकर तेल कंपनियों का क्या प्लान है, इसके बारे में अब खुद इंडियन ऑयल की ओर तस्वीर साफ की गई है. अधिकारियों ने कहा है कि इनकी कीमतों में कुल कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका कोई आंकड़ा अभी तय नहीं किया गया है. 

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बीते 15 मई को करीब चार साल बाद बढ़ोतरी की गई थी. तेल कंपनियों ने दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए. इसके बाद मंगलवार 19 मई को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा और दूसरी बार पेट्रोल-डीजल 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिया गया. इस दोहरी बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब पेट्रोल 98.64 रुपये, जबकि डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है. तो मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये, डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. 

'ये नहीं पता, कितना महंगा होगा...'
Petrol-Diesel Price में दोहरी बढ़ोतरी के बाद सरकारी तेल कंपनी IOCL के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है कि कंपनी उपभोक्ताओं पर असर कम करने और महंगाई को काबू में रखने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ा रही है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम जितना हो सके, उपभोक्ताओं को बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं.

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इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस बात को कहना मुश्किल है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी. उन्होंने कहा कि कंपनी के मन में ईंधन की कीमतों में कुल कितनी बढ़ोतरी करनी है, इसका अभी कोई आंकड़ा तय नहीं है. जबकि वेस्ट एशिया में युद्ध के असर की वजह से लागत तेजी से बढ़ रही है. 

अधिकारी ने Informist को बताया कि, 'हम यह सब एक साथ नहीं करना चाहते, क्योंकि इससे महंगाई पर असर पड़ेगा. हमारी कीमतें एक निर्धारित सर्कल के हिसाब से तय होती हैं और हम तिमाही मुनाफे पर ध्यान देने के बजाय उपभोक्ताओं को जितना हो सके, बचाने की कोशिश कर रहे हैं. कीमतों में कुल कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका फैसला शीर्ष स्तर पर लिया जाएगा, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए यह बढ़ोतरी जरूरी थी.

इसलिए महंगा किया पेट्रोल-डीजल
IOCL अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला ग्लोबल हालात की वजह से ही लिया गया है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हुआ है. उन्होंने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से ईंधन की डिमांड में कमी आने की कोई उम्मीद नहीं है और गर्मियों के महीने में भी ईंधन की मांग मजबूत बनी रहेगी. 

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क्या 2022 की तरह होगी बढ़ोतरी? 
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान चरम पर पहुंची कच्चे तेल की कीमतों के चलते मार्च-अप्रैल 2022 के बीच तेल कंपनियों ने लगातार 13 दिन पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए थे. इनमें 10 बार 80 पैसे का इजाफा किया गया था. उस समय इंडियन ऑयल ने 15 दिनों के अंदर पेट्रोल और डीजल की कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थीं. क्या वही सिलसिला फिर से देखने को मिलेगा, इसे लेकर अधिकारी ने बताया कि उनके मन में 2022 में हुई कीमतों में बढ़ोतरी से कोई तुलना नहीं है. 

दूसरी ओर चार साल बाद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने का जोखिम बढ़ा है. बार्कलेज का अनुमान है कि 3 रुपये प्रति लीटर की शुरुआती बढ़ोतरी के असर से CPI महंगाई जून में 15 बेसिस पॉइंट और मई में 8 बेसिस पॉइंट बढ़ जाएगी.

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