पाकिस्तान की आर्थिक (Pakistan Economy) हालत खराब हो चुकी है. पाकिस्तान में लोगों को जरूरत की चीजें खरीदने के लिए भी ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं. आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई है कि पाकिस्तान IMF से 3 अरब डॉलर का लोन लेने की तैयारी में है. महंगाई हर दिन नया रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन इन सब के बावजूद पाकिस्तान का स्टॉक मार्केट (Pakistan Stock Market) तेजी से चढ़ा है. यह हर दिन नए स्तर पार कर रहा है.
बीते सप्ताह के दौरान भी पाकिस्तान के Stock Market ने ऐतिहासिक तेजी दिखाई है. बीते सप्ताह के आखिरी दिन यहां के स्टॉक एक्सचेंज ने 65 हजार और 66 हजार के लेवल को पार किया था. पाकिस्तानी इंडेक्स का सबसे उच्च स्तर 66 हजार 223 रहा है. वहीं पिछले दो महीने के दौरान भी इस स्टॉक ने गजब की तेजी दिखाई है. यह अक्टूबर में 50,000 पर था और दिसंबर में 66,000 अंक को पार कर गया है.
क्यों पाकिस्तान के स्टॉक मार्केट में इतनी तेजी?
रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टॉक मार्केट में इतनी तेजी का कारण, निवेशकों को केंद्रीय बैंक की नीतिगत ब्याज दर में कटौती की उम्मीद है. वर्तमान में मौजूदा ब्याज दर रिकॉर्ड उच्च 22% पर है और महंगाई चरम पर है. हालांकि अक्टूबर में महंगाई दर साल-दर-साल 26.9% तक धीमी हो गई है. ऐसे में उम्मीद ये भी है कि महंगाई अभी और कम हो सकती है. इसके अलावा विदेशी मुद्रा का निवेश भी बढ़ा है, जिस कारण स्टॉक मार्केट में इतनी तेजी देखी जा रही है.
इतना बढ़ा विदेशी निवेश
बीते सप्ताह के दौरान पाकिस्तान के शेयर बाजार में बैंकों के शेयर 1704 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. नवंबर महीने में पाकिस्तानी शेयर बाजार में विदेशी निवेश साढ़े तीन करोड़ डॉलर का हुआ है. यह निवेश छह साल में सबसे ज्यादा है. दिसंबर के पहले सप्ताह में ही विदेशी निवेशकों ने 10 लाख डॉलर का निवेश किया है.
शेयर बाजार में तेजी से खुश नहीं पाकिस्तानी
स्टॉक मार्केट में इतनी तेजी के बावजूद पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि शेयर बाजार में बढ़ोतरी का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि महंगाई अभी भी बहुत ज्यादा है और देश की जीडीपी में बढ़ोतरी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. इसके अलावा लोगों का कहना है कि पाकिस्तान में सबसे ज्यादा राजनीतिक स्थिरता की आवश्यकता है. एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक यूजर ने लिखा कि पाकिस्तान का कोई निर्यात नहीं है, डॉलर आने की संभावना कम है और आर्थिक गतिविधयां भी कम हैं. ऐसे में रियल एस्टेट से हटकर अब लोगों का रुझान शेयर बाजार की ओर बढ़ा है, जिस कारण स्टॉक मार्केट में तेजी दिख रही है.