मिडिल-ईस्ट युद्ध के चलते शेयर बाजार में जोरदार उतार-चढ़ाव बना हुआ है. 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका-इजारायल की ओर से ईरान पर हमला शुरू करने के बाद से पूरे मार्च महीने में ज्यादातर दिन शेयर बाजार क्रैश (Stock Market Crash) ही हुआ है और निवेशकों की गाढ़ी कमाई स्वाहा हुई है. मार्केट क्रैश के बीच लोग चिंता में हैं कि कहां, कब और कैसे पैसे लगाएं?
अरबपति और दिग्गज शेयर ब्रोकिंग फर्म जेरोधा के फाउंडर-सीईओ नितिन कामथ ने इसे लेकर बड़ी बात कही है और निवेशकों बाजार की उथल-पुथल के बीच निवेश की सलाह दी है.
मंगलवार को महावीर जयंती के मौके पर शेयर मार्केट क्लोज (Stock Market Close) है. बीते सप्ताह जहां रामनवमी की छुट्टी के चलते चार दिन शेयर बाजार में ट्रेडिंग हुई थी, तो इस सप्ताह अगली छुट्टी 3 अप्रैल को है और इस तरह से सिर्फ तीन दिन कारोबार हो पाएगा.
'भविष्यवाणी करना मुश्किल...'
बाजार में मची भगदड़ के बीच Zerodha के सीईओ नितिन कामथ ने अनिश्चितता के दौरान निवेश करने की कोशिश कर रहे रिटेल निवेशकों के लिए सलाह शेयर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर लिखा, कि ऐसे समय में शेयर बाजार के रुख का अनुमान लगाने की कोशिश करना भी व्यर्थ है.
No one can predict which asset class will do well. For 99% of people, the best thing to do is diversify and stay invested during the good times and the bad. pic.twitter.com/qwiUpiFEeH
— Nithin Kamath (@Nithin0dha) March 30, 2026
अपनी एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'कोई भी यह अनुमान नहीं लगा सकता कि कौन-सा एसेट क्लास अच्छा प्रदर्शन करेगा. ऐसे में 99% लोगों के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि वे अपने निवेश में विविधता लाएं. इसके साथ ही बाजार का समय अच्छा हो या फिर बुरा, निवेशित रहें.
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में जो हालात बने हुए हैं, तो इस बाजार में एक निवेशक के रूप में जीवित रहने का एकमात्र तरीका यह है कि पैसा कमाना नहीं, बल्कि खुद को जीवित रहना पहला लक्ष्य होना चाहिए.
कामथ ने बताया क्यों ऐसा करना जरूरी?
Nithin Kamath ने अपनी एक्स पोस्ट में बीते दो साल के एसआईपी रिटर्न के आंकड़ों वाला एक चार्ट शेयर किया, जिसमें बताया गया कि शेयर, डेट और गोल्ड में संतुलित मिश्रित पोर्टफोलियो क्यों जरूरी है? ईरान युद्ध के बीच ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में अस्थिरता के बारे में उन्होंने पिछली पोस्ट में भी कुछ ऐसी ही बात कही थी.
जेरोधा फाउंडर ने कहा था कि, 'यह विडंबना ही है कि हम ऐसे समय में जी रहे हैं जब पूरा वैश्विक वित्तीय बाजार सिर्फ एक व्यक्ति की मनमर्जी पर निर्भर नजर आ रहा है.'