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...जब निर्मला सीतारमण की हिंदी की वाह-वाही में बजी तालियां, मिले 10 में से 10 मार्क्स!

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) अक्सर हिंदी में बोलने से बचती हैं, उनका कहना है कि हिंदी भाषा में उनकी पकड़ बेहद कमजोर है. आपने भी हमेशा निर्मला सीतारमण को अंग्रेजी में ही सवालों के जवाब देते देखे होंगे.

निर्मला सीतारमण की हिंदी पर जमकर बजी तालियां निर्मला सीतारमण की हिंदी पर जमकर बजी तालियां
स्टोरी हाइलाइट्स
  • निर्मला सरकार ने मजबूती से सरकार का पक्ष रखा
  • कृषि कानून वापस लेने से सरकार दबाव में नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) अक्सर हिंदी में बोलने से बचती हैं, उनका कहना है कि हिंदी भाषा में उनकी पकड़ बेहद कमजोर है. आपने भी हमेशा निर्मला सीतारमण को अंग्रेजी में ही सवालों के जवाब देते देखे होंगे. लेकिन उन्होंने 'आज तक' के मंच पर करीब घंटेभर तक लगातार सभी सवालों के जवाब हिंदी में दिए हैं. आप कह सकते हैं कि निर्मला सीतारमण ने पहली बार अपना पूरा इंटरव्यू हिंदी में दिया है. 
   
दरअसल 'एजेंडा आजतक' के मंच पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहुंचीं, और उन्होंने एक के बाद एक सभी सवालों के जवाब हिंदी में दिए. इस दौरान उन्होंने 'बिड़ंबना, बरकरार, मजबूत सरकार और 'प्रधानमंत्री का बड़प्पन' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो एक हिंदी के अच्छे जानकार या फिर प्रवक्ता अक्सर करते हैं. 

विपक्ष को खरी-खरी

यही नहीं, उन्होंने विपक्ष को भी हिंदी में ही खरी-खरी सुनाई. उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कार्यक्रम में पहुंचे लोगों से पूछा कि आप हमारी बात को समझ पा रहे हैं या नहीं? वित्त मंत्री को सुनने पहुंचे लोगों ने कहा कि आप बेहतरीन हिंदी बोल रही हैं इसके लिए आपको 10 में से 10 नंबर मिलता है. 

उन्होंने कई ऐसे सवालों का भी हिंदी में जवाब दिया, जिसपर लोगों ने उनकी सराहना करते हुई जमकर तालियां बजाईं. वित्त मंत्री के सटीक जवाब को देखकर ये कहा जा सकता है कि जिस तरह से वे अंग्रेजी में दमदार तरीके से अपनी बातें रखती हैं, ठीक उसी तरह उन्होंने हिंदी में भी जवाब दिए. हिंदी में पूछे गए एक भी सवाल से निर्मला सीतारमण बिल्कुल नहीं घबराईं.  

सवालों से घबराईं नहीं

हालांकि उन्होंने माना कि हिंदी में इंटरव्यू देने से पहले वो जरूर हिचक रही थीं. लेकिन मंच पर आते ही उनकी हिंदी भाषा की धार और तेज हो गई. उन्होंने बीच में टोक कर भी कई सवालों के जवाब दिए. और फिर पूछा कि मेरी हिंदी ठीक है? हो सकता है कि अब इस इंटरव्यू के बाद निर्मला सीतारमण हिंदी में भी अक्सर बोलती नजर आईं. 

दमदार तरीके से सरकार का पक्ष रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि टीकाकरण हमारी प्राथमिकता है, टीकाकरण अभियान को तेजी से चलाया जा रहा है. आंकड़े आज सबके सामने हैं. उन्होंने ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को बातचीत के बाद ही पारित किया था. शरद पवार ने इस मसले को लेकर चिट्ठी भी लिखी थी. लेकिन विपक्ष ने इसे गलत रंग दे दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा दिल दिखाया है, और उसे वापस भी ले लिया है. 

 

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