बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन की फाउंडर और चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने अपने उत्तराधिकारी का ऐलान कर दिया है. उन्होंने अपनी कंपनी के संचालन के लिए अपने भांजी क्लेयर मजूमदार को चुना है. क्लेयर 37 साल की हैं और एक बायोटेक एक्सपर्ट भी हैं. इसके अलावा, वे Bicara थेरेपीटिक्स नाम की कंपनी की फाउंडर और सीईओ हैं.
फॉर्च्यून इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 37 साल की क्लेयर कंपनी के डेवलपमेंट करने के लिए सबसे सही पर्सन हैं. वहीं क्लेयर को चुनने की एक और वजह बताई जा रही है. किरण मजूमदार शॉ की अपनी कोई संतान नहीं हैं और वे कंपनी को एक सुरक्षित हाथों में सौंपना चाहती थीं, जिस कारण उन्हें क्लेयर से बेहतर कोई नहीं दिखा.
किरण मजूमदार ने कहा कि क्लेयर को ऐसे ही नहीं चुना जा रहा है, उन्होंने खुद को साबित भी किया है. वह एक कंपनी बेहतर ढंग से चला सकती हैं. उन्होंने आगे बताया कि 4 दशक पहले बायोकॉन की शुरुआत की थी और अभी वे इस कंपनी में अकेली मालकिन हैं.
कौन हैं क्लेयर मजूमदार?
37 साल की क्लेयर, किरण मजूमदार शॉ की भांजी हैं. साथ ही वह एक बायोटेक कंपनी चला रही हैं और एक एक्सपर्ट भी हैं, जो कैंसर रिसर्चर भी हैं. उन्होंने MIT से बायोलॉजिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी पूरी की है. इसके साथ ही उन्होंने MBA की भी बढ़ाई की है और कैंसर बायोलॉजी में PHD की डिग्री भी ली है. उन्हें टेक्नोलॉजी साइंस और इनोवेशन की गहरी समझ भी है.
उनके नाम एक और बड़ी उपलब्धि है कि उनकी कंपनी अमेरिकी शेयर बाजार Nasdaq पर लिस्ट है जो 1 बिलियन डॉलर की वैल्यू की कंपनियों की लिस्ट में शुमार है. उनकी कंपनी बिकारा का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.6 बिलियन डॉलर से ज्यादा है.
कितनी बड़ी कंपनी संभालेंगी क्लेयर?
बायोकॉन एक बड़ी पोर्टफोलियो वाली कंपनी है, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में है. इस कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 58418 करोड़ रुपये है. यह कंपनी सस्ती और लाइफ सेविंग दवाइंया बनाती हैं. इस कंपनी का कारोबार दुनिया के 120 से ज्यादा देशों में मौजूद है. इसे 4 बड़े बिजनेस में बांटा गया है, जिसमें बायोसिमिलर (कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियों की दवाइयां), जेनेरिक दवाइयां, नई दवाओं पर रिसर्च और नई एडवांस मेडिसीन शामिल हैं.
फाइनेंशियल कंडीशन
इस कंपनी का रेवेन्यू 16,800 करोड़ रुपये है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेंशन 58 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है. इस कंपनी के पास 16 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं और अमेरिका-यूरोप समेत दुनिया भर में इसका कारोबार फैला हुआ है.
ये भी बदलाव करने जा रही है कंपनी
गौरतलब है कि उत्तराधिकारी के साथ ही कंपनी ने कई और बदलाव किए हैं. ग्रुप की अन्य कंपनियों में भी लीडरशिप में बदलाव हो रहा है. बायोकॉन अपने ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर में भी बड़े बदलाव करने जा रही है. कंपनी ने अपने जेनेरिक्स और बायोलॉजिक्स बिजनेस का मर्जर किया है.