सोना-चांदी की कीमतों में भले ही बीते कुछ दिनों में तगड़ा उतार-चढ़ाव आया है, कभी दोनों कीमती धातुएं क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हुए, तो कभी तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. ऐसी स्थिति में भी भारतीय निवेशक अब शेयर बाजार (Stock Market) में पैसे लगाने के बजाय सोना-चांदी में निवेश कर रहे हैं. एक्सपर्ट इसे Indian Investment के लिए बेहद खराब संकेत करार दे रहे हैं.
शेयर बाजार का बुरा दौर!
फाइनेंशियल एक्सपर्ट और विजडम हैच के फाउंडर अक्षत श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय इक्विटी मार्केट का मौजूदा दौर अब तक के सबसे कठिन दौरों में से एक साबित हो रहा है और ये बेहद खराब है. कई भारतीय निवेशकों ने चैन की नींद लेने के लिए अब शेयर बाजार में निवेश करना छोड़कर Gold-Silver का रुख किया है. लेकिन यह भारतीय निवेश के लिए अच्छा संकेत नहीं है. बाजार से हटकर निवेशकों के इस इन्वेस्टमेंट ने इक्विटी से बेहतर रिटर्न दिया है.
बेरुखी से आखिर फायदा क्या है?
अक्षत श्रीवास्तव ने इसके पीछे के बड़े कारण और इससे हुए फायदे के बारे में बताते हुए कहा कि शेयरों के बजाय कीमती धातुओं में निवेश की ओर रुख करने में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने ऐसा करते हुए अपनी मानसिक शांति को बरकरार रखा है. शेयर निवेशकों की तरह उन्हें हर दिन स्टॉक प्राइस में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखने की जरूरत नहीं है. वे काम करते हैं, पैसा कमाते हैं, सोना खरीदते हैं और चैन से सोते हैं.
Many Indian investors have quit equity investing. And, have moved to gold/silver for good.
This phase of equity investing looks quite bad. People who bought land, gold, silver have outperformed equity investors.
Most importantly: they have done it while keeping their peace of…— Akshat Shrivastava (@Akshat_World) February 16, 2026
बाजार की गिरावट से सबक, दी ये सलाह
फाइनेंशियल एक्सपर्ट अक्षत श्रीवास्तव ने उनका लोगों को बड़ी सलाह दी है, जो अभी भी शेयर बाजार में डटे हुए हैं. उन्होंने राहत भरी बात कहते हुए कहा कि Stock Market में आखिरकार सुधार आएगा और नुकसान की भरपाई हो जाएगी. श्रीवास्तव ने कहा कि गिरावट के बीच कुछ लोगों ने धीमी ग्रोथ वाली कंपनियों के शेयर घाटे में बेचे होंगे. अधिकांश लोगों को ऐसा करने में कठिनाई हुई है. हालांकि, इससे उन्हें एक बड़ा सबक भी मिला है, जिसके बिना दशकों तक निवेश करना संभव नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि आप एक अनुभवी निवेशक बनने की राह पर हैं.
उन्होंने कहा कि जब सब कुछ ठीक चल रहा होता है तो कोई भी खराब स्ट्रेटजी की परवाह नहीं करता है, लेकिन वहीं जब बाजार धीमा हो जाता है, तो निवेशकों को कुछ कड़े सबक सीखने पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि आखिर में अपने पैसे का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी निवेशक की ही है. अपने पैसे की सुरक्षा का एकमात्र तरीका मनी मैनेजमेंट को सीखना है. आप प्रतिदिन 10 घंटे पैसा कमाने में लगाते हैं, लेकिन कम से कम 1 घंटा हर रोज उसका प्रबंधन करने को लेकर विचार-विमर्श करें.