भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (InterGlobe Aviation Ltd) ने गुरुवार को 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही के लिए अपने नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट दर्ज की है. कम लागत वाली इस एयरलाइन का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के 2,448.8 करोड़ रुपये की तुलना में 77.6 प्रतिशत गिरकर 549.8 करोड़ रुपये पर आ गया.
इंडिगो के मुनाफे में इस गिरावट की बड़ी वजह फ्लाइट अव्यवस्था है, जिससे कंपनी को 1,546.5 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था. इंडिगो के फ्लाइट्स के लगातार कैंसिल होने के कारण इसका तिमाही नतीजे खराब रहे हैं. कम लागत वाली एयरलाइन का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के 2,448.8 करोड़ रुपये की तुलना में 77.6 प्रतिशत गिरकर 549.8 करोड़ रुपये रह गया.
रेवेन्यू में शानदार तेजी
कंपनी को भारी नुकसान होने के बाद भी इसके रेवेन्यू में अच्छी तेजी रही है. तिमाही के लिए परिचालन से राजस्व 6.2 प्रतिशत बढ़कर 23,471.9 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 22,110.7 करोड़ रुपये था. ऑपरेशन के मोर्चे पर एयरलाइन ने स्थिर प्रदर्शन किया है.
पिछले साल की समान अवधि के 5,178.5 करोड़ रुपये के मुकाबले 3.6 प्रतिशत बढ़कर 5,367 करोड़ रुपये हो गई. इस तिमाही के दौरान 1,546.5 करोड़ रुपये के असाधारण नुकसान के कारण एयरलाइन की वित्तीय स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई. इसमें नए श्रम कानूनों के कार्यान्वयन के लिए 969.3 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल था.
एयरलाइंस पर लगा था भारी जुर्माना
इसके अलावा, कंपनी ने ऑपरेशन संबंधी रुकावट से जुड़े 555 करोड़ रुपये के खर्च और DGCA द्वारा लगाए गए 22.2 करोड़ रुपये के जुर्माना भी झेला. एयरलाइन को दिसंबर की शुरुआत में सेवाओं में भारी रुकावट का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानें रद्द और लेट हुईं. यात्री यातायात में भी तिमाही के दौरान 2.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 3.19 करोड़ हो गया.
3 से 5 दिसंबर को ज्यादा फ्लाइट्स हुई थीं कैंसिल
कंपनी के पैसेंजर संख्या में भी गिरावट आई है और यह पिछले साल की इसी तिमाही के 86.9 प्रतिशत से घटकर 2.4 प्रतिशत अंक गिरकर 84.6 प्रतिशत हो गया है. Indigo के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल संबंधी बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ा, जिस कारण 3 से 5 दिसंबर महत्वपूर्ण उड़ानें रद्द हुईं और उनमें देरी हुई. उन्होंने आगे कहा कि इन परिचालन संबंधी बाधाओं के बावजूद, इंडिगो ने दिसंबर तिमाही में लगभग 245 अरब रुपये का राजस्व हासिल किया, जो लगभग 7 प्रतिशत की ग्रोथ है.
शेयरों पर रहेगी नजर
इंडिगो की कंपनी को भारी नुकसान के कारण शुक्रवार को इसके शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी. इस गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है. साथ ही इसमें दबाव दिखाई दे सकता है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)