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दिनेश खारा बने SBI के नए चेयरमैन, BBB की सिफारिश पर सरकार की मुहर

पिछले महीने बैंक के बोर्ड ब्यूरो (बीबीबी) ने खारा के नाम की सिफारिश एसबीआई के अगले चेयरमैन के रूप में की थी. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों का चयन करने वाले बैंक बोर्ड ब्यूरो के सदस्यों ने एसबीआई के चार प्रबंध निदेशकों का इंटरव्यू लिया था.

उन्होंने रजनीश कुमार की जगह ली उन्होंने रजनीश कुमार की जगह ली
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रजनीश कुमार का स्थान लेंगे दिनेश कुमार खारा
  • बीबीबी की सिफारिश पर सरकार ने लगाई मुहर
  • पूरा हो चुका है रजनीश कुमार का कार्यकाल

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई को नया चेयरमैन मिल गया है. केंद्र सरकार ने दिनेश कुमार खारा को एसबीआई का चैयरमैन नियुक्त किया है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक दिनेश कुमार खारा का कार्यकाल तीन साल का होगा. उन्होंने रजनीश कुमार की जगह ली. आपको यहां बता दें कि रजनीश कुमार ने मंगलवार को ही अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा किया है. 

पिछले महीने बैंक के बोर्ड ब्यूरो (बीबीबी) ने खारा के नाम की सिफारिश एसबीआई के अगले चेयरमैन के रूप में की थी. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों का चयन करने वाले बैंक बोर्ड ब्यूरो के सदस्यों ने एसबीआई के चार प्रबंध निदेशकों का इंटरव्यू लिया था. परंपरा के अनुसार एसबीआई के चेयरमैन की नियुक्ति बैंक में सेवारत प्रबंध निदेशकों के समूह से की जाती है. 

2017 में भी दावेदार 
दिलचस्प बात यह है कि खारा 2017 में भी चेयरमैन पद के दावेदारों में शामिल थे. खारा को अगस्त 2016 में तीन साल के लिए एसबीआई के प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था. बाद में उन्हें प्रदर्शन की समीक्षा के बाद 2019 में दो साल का सेवा विस्तार मिला. खारा दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से पढ़े हैं और अब तक एसबीआई के वैश्विक बैंकिंग प्रभाग के प्रमुख थे.

उनके पास बोर्ड स्तर का पद है और वे एसबीआई की गैर-बैंकिंग सहायक कंपनियों के कारोबार का निरीक्षण भी करते थे. खारा प्रबंध निदेशक नियुक्त किए जाने से पहले एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (एसबीआईएमएफ) के एमडी और सीईओ थे. वह 1984 में परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में एसबीआई में शामिल हुए थे और उन्होंने अप्रैल 2017 में एसबीआई के पांच सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक के एसबीआई में विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. 

खारा के सामने बड़ी चुनौती
नए एसबीआई चेयरमैन के सामने एक चुनौतीपूर्ण कार्यकाल होगा, क्योंकि कोविड-19 महामारी के कारण बैंकिंग क्षेत्र एक बड़े संकट से गुजर रहा है. इसके अलावा एनपीए का बोझ भी बैंकों पर बढ़ा है. यह देखना अहम होगा कि खारा इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं. 

 

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