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Cryptocurrency पर लगाम की तैयारी में भारत, जानें रूस-चीन समेत दूसरे देशों में क्या हैं नियम?

भारत में प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी का नियमन किया जा सकता है. केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी के रेग्युलेशन के लिए संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में एक बिल लाने की तैयारी कर रही है. लेकिन भारत से पहले कई और देश क्रिप्टोकरेंसी पर लगाम कस चुके हैं और इस लिस्ट में नेपाल से लेकर चीन, वियतनाम, रूस जैसे देशों का नाम शामिल है. पढ़ें पूरी खबर...

ये देश पहले लगा चुके हैं क्रिप्टोकरेंसी पर लगाम (Photo : Reuters) ये देश पहले लगा चुके हैं क्रिप्टोकरेंसी पर लगाम (Photo : Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नेपाल में Bitcoin पर 2017 से बैन
  • वियतनाम में लगता है भारी जुर्माना
  • अल-सल्वाडोर में क्रिप्टोकरेंसी अवैध नहीं

भारत में प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी का नियमन किया जा सकता है. केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी के रेग्युलेशन के लिए संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में एक बिल लाने की तैयारी कर रही है. लेकिन भारत से पहले कई और देश क्रिप्टोकरेंसी पर लगाम कस चुके हैं. इस लिस्ट में नेपाल से लेकर चीन, वियतनाम, रूस जैसे देशों के नाम शामिल हैं.

भारत का क्रिप्टोकरेंसी रेग्युलेशन

वित्त मामलों की संसदीय समिति में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर जब चर्चा हुई थी तो इस पर पाबंदी के बजाय इसके नियमन का सुझाव दिया गया था. अब सरकार 29 नवंबर से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र में ‘द क्रिप्टो करेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021' (The Cryptocurrency & Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021) पेश करेगी. एक तरफ ये बिल जहां देश में सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर बैन या नियमन  (Cryptocurrency Ban In India) नियमन का काम करेगा. वहीं दूसरी तरफ भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक डिजिटल करेंसी ( RBI Digital Currency) के लिए एक फ्रेमवर्क बनाएगा.

चीन में क्रिप्टोकरेंसी पर है पाबंदी

क्रिप्टोकरेंसी पर लगाम कसने के मामले में सबसे कड़ा रुख चीन का रहा है. वर्ष 2021 में कई मौकों पर चीन ने क्रिप्टोकरेंसी में होने वाले लेनदेन पर करारी चोट की और अंतत: डिजिटल करेंसी में होने वाले सभी तरह के ट्रांजैक्शन को गैर-कानूनी बना दिया. इतना ही नहीं चीन का केंद्रीय बैंक अपनी खुद की डिजिटल करेंसी भी लॉन्च करने जा रहा है.

नेपाल में Bitcoin बैन

अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी में मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से Bitcoin सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी है, और इस पर बैन लगाने में भारत का पड़ोसी मुल्क नेपाल भी पीछे नहीं रहा. नेपाल के केंद्रीय बैंक ‘नेपाल राष्ट्र बैंक’ ने अगस्त 2017 में ही इसे अवैध (Bitcoin is illegal in Nepal) घोषित कर दिया था.

रूस में क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स

दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक रूस में क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्णतया बैन नहीं है और अभी इसकी वैधता को लेकर वहां बड़ी बहस चल रही है. लेकिन रूस में भी क्रिप्टोकरेंसी के नियमन को लेकर कदम उठाए जा चुके हैं. रूस की व्लादिमिर पुतिन की सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को एक एसेट की तरह मान्यता दी है और इसे रखने वालों को रूस के कानून के हिसाब से टैक्स देना होगा.

वियतनाम में लगता है भारी जुर्माना

दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में वियतनाम के स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम ने बिटकॉइन और बाकी अन्य क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल, जारी करने और आपूर्ति करने को अवैध करार दिया है. पेमेंट टूल के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करने पर वहां 1.5 करोड़ वियतनामी डोंग (करीब 50,000 रुपये)  से लेकर 2 करोड़ वियतनामी डोंग (करीब 65,668 रुपये) तक का जुर्माना देना होता है. हालांकि लोग एसेट के तौर पर Bitcoin को रख सकते हैं.

इसी तरह इंडोनेशिया में भी क्रिप्टोकरेंसी पर पाबंदी के लिए 2018 में ही एक कानून लाया जा चुका है.

इन देशों में भी क्रिप्टोकरेंसी पर लगाम

दुनिया के अलग-अलग देशों में बिटकॉइन और बाकी अन्य क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कहीं पूरी पाबंदी है तो कहीं इनके रेग्युलेशन की व्यवस्था की गई है. इस लिस्ट में तुर्की, अल्जीरिया, इराक, इरान, मिस्र, कोलंबिया और  बोलिविया शामिल हैं.

वहीं कुछ देशों ने क्रिप्टोकरेंसी को पूरी तरह से कानूनी मान्यता दी है और इस फेरहिस्त में सबसे आगे अल-सल्वाडोर है. वहां स्थिति ऐसी है कि लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों, सामान और सेवाओं के भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी को पेमेंट टूल की तरह इस्तेमाल करते हैं.

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