केंद्र सरकार ने तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्स्ट्रा एक्साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है, जो देशभर में 1 फरवरी 2026 से लागू हो जाएंगे. यह लागू होते ही सिगरेट, तंबाकू और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे. वित्त मंत्रालय ने तंबाकू, सिगरेट, पान-मसाला के इस नए नियम को 31 दिसंबर की देर रात नोटिफाई कर दिया.
यह एक्स्ट्रा एक्साइज ड्यूटी 40% GST दर के ऊपर है. पान-मसाले पर केंद्र सरकार ने सेस भी लगाया है. यह भी 40 फीसदी जीएसटी दर से ऊपर है. नए नियमों के तहत, सरकार ने पैकिंग मशीनों की सहायता से निर्मित और पाउच में पैक किए गए चबाने वाले तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा को केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम की धारा 3A के तहत नोटिफाई किया है.
सिगरेट पर इतनी ड्यूटी
नए नियम के तहत सिगरेट की लंबाई के आधार पर हर 1000 स्टिक्स पर 2050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक की एक्साइड ड्यूटी लागू होगी. इसके ऊपर 40 फीसदी जीएसटी भी लागू किया जाएगा यानी इनकी कीमत दोगुना बढ़ेगी. इस बदलाव के साथ सरकार का उद्देश्य तंबाकू प्रोडक्ट्स पर टैक्स व्यवस्था को और ज्यादा मुश्किल करना है.
बीड़ी पर 18 फीसदी टैक्स
जहां सिगरेट और पान मसाला पर 40 फीसदी GST लगेगा, वहीं बीड़ी पर टैक्स 18 फीसदी ही रखा गया है. इसके अलावा, पान मसाला मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर नया हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस लागू किया जाएगा. यह सेस मशीनों की क्षमता के आधार पर वसूल किया जाएगा. यह फैसला टैक्स चोरी को रोकने के लिए लिया गया है.
40 फीसदी जीएसटी के ऊपर नया सेस और ड्यूटी
केंद्र सरकार ने सिन गुड्स पर 40 फीसदी का टैक्स लागू कर दिया है. लेकिन अब इसके ऊपर लगने वाले पुराने कंम्पसेशन सेस को खत्म करने जा रह है. हालांकि इसकी जगह पर नया सेस लागू होगा, जो 'हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस' और 'एडिशनल एक्साइज ड्यूटी' होगा. यह 1 फरवरी 2026 से लागू होगा. दिसंबर 2025 में ही इन दो बिलों की मंजूरी मिल चुकी थी और संसद में बिल पास किया गया था.
शेयरों में बड़ी गिरावट
इस खबर के आने के बाद सिगरेट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. गोल्ड फ्लेक और क्लासिक जैसे ब्रांड बनाने वाली मार्केट लीडर कंपनी ITC का शेयर 8.62% गिरकर 402 रुपए से 368 रुपये पर आ गया. वहीं गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में 12% की गिरावट आई है. FMCG इंडेक्स में भी इसका असर दिख रहा है और यह 3 फीसदी तक टूट चुका है.