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AGM में पड़ा फैसले के लिए खिलाफ वोट, Britannia का इन्वेस्टमेंट प्लान रिजेक्ट!

कंपनी एक्ट के अनुसार, एक स्पेशल रिजॉल्यूशन को पास होने के लिए सुपर मेजॉरिटी की जरूरत होती है. इसका मतलब होता है कि प्रस्ताव के पक्ष में कम से कम 75 फीसदी वोट आने चाहिए. हालांकि ब्रिटानिया के इस खास प्रस्ताव को टोटल 19.60 करोड़ वोट में से 73.35 फीसदी वोट ही मिल पाए.

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शेयरहोल्डर्स ने रिजेक्ट किया प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स ने रिजेक्ट किया प्रस्ताव
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पिछले सप्ताह हुई कंपनी की सालाना आम बैठक
  • इन्वेस्टमेंट से जुड़े खास प्रस्ताव को नहीं मिली मंजूरी

एफएमसीजी कंपनी (FMCG Company) ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज (Britannia Industries) को शेयरहोल्डर्स ने तगड़ा झटका दिया है. कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने पिछले सप्ताह हुई सालाना आम बैठक (AGM) में संबंधित प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया. यह प्रस्ताव कंपनी के बोर्ड को 5 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश करने, लोन देने और गारंटी प्रोवाइड करने का अधिकार देने से जुड़ा हुआ था.

महज इतने वोट से अटक गया प्रस्ताव

कंपनी ने एजीएम के बाद शेयर बाजारों (Share Market) को बताया कि निवेश करने, लोन, स्पेशल गारंटी व सिक्योरिटी को लेकर लिमिट बढ़ाने की मंजूरी के प्रस्ताव को पर्याप्त वोट नहीं मिल पाए. इस कारण संबंधित प्रस्ताव पास नहीं हो पाया. कंपनी एक्ट के अनुसार, एक स्पेशल रिजॉल्यूशन को पास होने के लिए सुपर मेजॉरिटी की जरूरत होती है. इसका मतलब होता है कि प्रस्ताव के पक्ष में कम से कम 75 फीसदी वोट आने चाहिए. हालांकि ब्रिटानिया के इस खास प्रस्ताव को टोटल 19.60 करोड़ वोट में से 73.35 फीसदी वोट ही मिल पाए. बाकी 26.64 फीसदी शेयरहोल्डर्स ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया.

प्रमोटर व प्रमोटर ग्रुप ने किया 100% सपोर्ट

कंपनी ने बताया कि एजीएम में इस खास प्रस्ताव के खिलाफ में 71.13 फीसदी सार्वजनिक संस्थानों और 70.86 फीसदी गैर-सार्वजनिक संस्थानों ने वोट किया. वहीं प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप ने प्रस्ताव के पक्ष में 100 फीसदी वोट किया. वहीं दूसरी ओर एजीएम में दो अन्य खास प्रस्तावों 'चेयरमैन नुस्ली एन वाडिया के वेतनमान को मंजूरी और केकी एलाविया की स्वतंत्र निदेशक के तौर पर नियुक्ति' को मंजूरी दे दी गई.

इन सामान्य प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के शेयरहोल्डर्स ने एजीएम में तीन सामान्य प्रस्तावों को पर्याप्त वोट के साथ मंजूर कर दिया. इनमें से एक प्रस्ताव रिटायर हो रहे नेस वाडिया की जगह डाइरेक्टर नियुक्त करने से संबंधित था. ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज इन दिनों अपने विनिर्माण संयंत्रों का विस्तार करने पर जोर दे रही है. इसी कारण कंपनी ने 5000 करोड़ रुपये तक के इन्वेस्टमेंट के प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगी थी. बहरहाल, कंपनी का यह प्रस्ताव एजीएम में रिजेक्ट हो चुका है.

 

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