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कोरोना काल में लगा ये नियम आज से हटेगा, Price Cap, सस्ता होगा हवाई टिकट?

इस महीने की शुरुआत में, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा था कि वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करने के बाद प्राइस कैप को वापस लेने का निर्णय लिया गया है. एयरलाइंस सरकार पर कुछ समय से प्राइस बैंड को वापस लेने के लिए दबाव बना रही थीं. प्राइस कैप लगाने के लिए सात बैंड जारी किए गए थे.

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हवाई सफर हो सकता है सस्ता.
हवाई सफर हो सकता है सस्ता.

हवाई सफर (Air Travel) करने वालों के लिए खुशखबरी है. 31 अगस्त यानी आज से हवाई टिकट की कीमतों (Air Fair Price) के नियम में बदलाव होने जा रहा है. इस बदलाव के बाद हवाई सफर सस्ता हो सकता है, जिससे त्योहारी सीजन में लोगों को राहत मिलेगी. बुधवार से नागरिक उड्डयन मंत्रालय ( Civil Aviation Ministry) घरेलू हवाई किराए (Domestic Air Fare) पर मूल्य कैप (Price Cap) हटा देगा. कोविड महामारी के दौरान सरकार ने हवाई यात्रा के किराए पर अपर और लोअर लिमिट कैप लगाया था. सभी एयरलाइंस सरकार के इस नियम का पालन कर रही थीं. इस वजह वो ग्राहकों टिकटों पर ऑफर नहीं दे पा रही थीं.

रिकवरी को प्रभावित कर रहे थे प्राइस कैप

इस महीने की शुरुआत में, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा था कि वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करने के बाद प्राइस कैप को वापस लेने का निर्णय लिया गया है. एयरलाइंस सरकार पर कुछ समय से प्राइस बैंड को वापस लेने के लिए दबाव बना रही थीं. उनका कहना था कि महामारी की मंदी के बाद कैप्स उनकी रिकवरी को प्रभावित कर रहे हैं.

कंपनियां अपने हिसाब से तय करेंगी किराया

एयर टिकट पर से प्राइस कैप हटने के बाद एयरलाइन कंपनियां अपने हिसाब से किराया घटा और बढ़ा सकेंगी. मई 2020 में सरकार ने एयर फेयर पर प्राइस कैप लगाया था. अब इसे 27 महीने के अंतराल के बाद 31 अगस्त से हटा लिया जाएगा. मई में केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि उच्च एटीएफ कीमतों और अन्य घरेलू कारणों ने सरकार को मूल्य कैप जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया था.

क्यों लगा था प्राइस कैप?

कोविड की वजह ले लगे लॉकडाउन के बाद जब मई 2020 में दो महीने के अंतराल के बाद एयरलाइन का परिचाल शुरू हुआ, तब सरकार ने एयर फेयर पर मार्केट कैप लगाया था. सरकार ने मिनिमम किराया इसलिए लगू किया था, ताकी एयरलाइंस कंपनियों के हितों की सुरक्षा हो सके. साथ ही अधिकतम कैप इसलिए लगाया था ताकी यात्रियों को अधिक किराया नहीं देना पड़े.

कितना था मैक्सिमम किराया?

सराकर ने किराए पर प्राइस कैप लगाने के लिए सात बैंड जारी किए थे. इसके तहत 40 मिनट तक की उड़ानों से लेकर 180-210 मिनट की उड़ानों तक के लिए फेयर बैंड तय किए गए थे. नियमों के अनुसार, 40 मिनट से कम की उड़ान के लिए विमान किराया मिनिमम 2,900 रुपये (जीएसटी को छोड़कर) और मैक्सिमम 8,800 रुपये (जीएसटी को छोड़कर) तय किया गया था.


 

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