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बिज़नेस न्यूज़

सरकार तक पहुंची टेलिकॉम कंपनियों की 'कॉल', इन 9 सुधारों से बनेगी बात?

टेलिकॉम सेक्टर में बदलाव
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पिछले कुछ वर्षों से टेलिकॉम सेक्टर आर्थिक मोर्चे पर दबाव महसूस कर रहा था. लगातार सरकार से राहत की मांग की जा रही थी. अब केंद्र सरकार ने टेलिकॉम सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं. दरअसल, बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस सेक्टर को लेकर कई बड़े  फैसले लिए गए. (Photo: File)

टेलिकॉम सेक्टर में 9 बडे़ स्ट्रक्चरल बदलाव
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सरकार ने टेलिकॉम सेक्टर में 9 बडे़ स्ट्रक्चरल बदलाव पर मुहर लगा दी है. बकाया AGR को लेकर टेलिकॉम कंपनियां परेशान थीं. अब सरकार ने इस मोर्चे पर कंपनियों को बड़ी राहत दी है. AGR में बहुत पहले के ब्याज को कम करके 2% सालाना किया गया है. इसके अलावा इस पर लगने वाली पेनल्टी को भी खत्म कर दिया गया है. (Photo: File)

AGR की परिभाषा को भी बदला
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सरकार ने AGR की परिभाषा को भी बदला दिया है. इससे टेलिकॉम कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी. AGR की परिभाषा को बदलते हुए इससे गैर-टेलिकॉम रेवेन्यू को बाहर किया जाएगा. सरकार ने फैसला किया है कि आगे जो भी स्पेक्ट्रम की नीलामी होगी, उसे अब कंपनियों को 30 साल तक रखने की इजाजत होगी. पहले 20 साल की इजाजत थी. 

100 फीसदी FDI को मंजूरी
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विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर (Telecom Sector) में 100 फीसदी FDI को मंजूरी दे दी है. दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इससे टेलिकॉम सेक्टर में विदेशी निवेश बढ़ेगा और कंपनियां बेहतर सर्विस देने की स्थिति में होगी. सरकार के इस फैसले से एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया को सबसे ज्यादा राहत मिलने वाली है. (Photo: File)
 

 AGR बकाए को लेकर 4 सालों का मोराटोरियम
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इसके अलावा कर्ज में डूबे तमाम टेलिकॉम सेक्टर को बड़ी राहत मिली है. सरकार ने स्पेक्ट्रम बकाया के भुगतान पर रोक को मंजूरी दे दी है. टेलिकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम चार्जेज और AGR बकाए को लेकर 4 सालों का मोराटोरियम दिया जाएगा. यानी वे अपना बकाया चार साल के लिए टाल सकते हैं. लेकिन इस दौरान बकाया का ब्याज देना होगा. यह व्यवस्था पिछली डेट में नहीं, बल्कि 01 अक्टूबर 2021 से लागू होगी. (Photo: File)

अब केवल डिजिटल KYC
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वहीं अब से कस्टमर के सभी KYC फॉर्म को अब डिजिटाइज किया जाएगा, यानी अब किसी तरह के फॉर्म या कागज लगाने की जरूरत नहीं है. ग्राहक को सिम लेने या पोस्टपेड से प्रीपेड कराने जैसे सभी कामों के लिए अब कोई फॉर्म नहीं भरना होगा. (Photo: File)
 

टावर सेटअप हुआ आसान
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टावर सेटअप हुआ आसान
मोबाइल टावर नेटवर्क सेटअप प्रक्रिया को भी आसान कर दिया गया है. पहले कई विभागों से अप्रूवल लेने पड़ते थे. अब एक ही जगह से सभी अप्रूवल मिलेंगे. अब केवल पोर्टल DOT से अप्रूवल मिल जाएगा. यानी लाइसेंस राज को खत्म कर दिया गया है.