scorecardresearch
 
बिज़नेस न्यूज़

GDP की रेस में भारत से पिछड़ेगा ड्रैगन? लॉकडाउन में चीन की 40 करोड़ आबादी!

China1
  • 1/5

दो-ढाई साल पहले चीन से कोरोना महामारी की शुरुआत हुई थी और तब से दुनिया इससे उबरने का प्रयास कर रही है. हालांकि अब कोरोना महामारी की एक और लहर का खतरा सामने आ चुका है. चीन में कोरोना के मामले फिर से तेजी से बढ़ रहे हैं और कई शहरों में लॉकडाउन लगाया जा चुका है. हालात ये है कि अभी चीन की एक तिहाई आबादी लॉकडाउन के घेरे में है. इसका चीन की जीडीपी के बढ़ने की रफ्तार सुस्त होने की आशंका बढ़ गई है. दूसरी ओर भारत की जीडीपी फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में बढ़िया परफॉर्म करने की राह पर है. (Photo: Reuters)

India
  • 2/5

चीन अभी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी है. लम्बे समय तक चीन सबसे तेज ग्रोथ करने वाली इकोनॉमी रहा है. हालांकि बाद में भारत ने चीन से यह तमगा छीन लिया. हालांकि बाद में जब भारत भी कोरोना महामारी की चपेट में आया और पूरे देश में लंबा लॉकडाउन लगाया गया, तब फिर से चीन भारत से आगे निकल गया था. भारत कुछ ही तिमाहियों के बाद वापस सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली मेजर इकोनॉमी बनने में कामयाब हो गया था. (Photo: Reuters)

China2
  • 3/5

चीन में अभी कोरोना का हाल ये है कि अकेले शुक्रवार को करीब 24 हजार मामले सामने आए. इनमें करीब 3,500 मामले पॉजिटिव केसेज के रहे, जबकि करीब 21 हजार मामले बिना लक्षण वाले रहे. चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई शहर में अभी सबसे ज्यादा मामले आ रहे हैं. चीन ने महामारी पर काबू पाने के लिए कड़ी 'जीरो कोविड' पॉलिसी तैयार की है. इस कारण शंघाई समेत कई ऐसे शहर लॉकडाउन की चपेट में हैं, जो इंडस्ट्री के सेंटर हैं. इन शहरों में चीन की करीब एक-तिहाई आबादी निवास करती है. (Photo: Reuters)

China3
  • 4/5

चीन ने जीडीपी के लिए 5.5 फीसदी ग्रोथ रेट का लक्ष्य रखा है. हालांकि जिस तरह से कोरोना के कारण देश को फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ रहा है, इससे आर्थिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ा है. चीन के प्रधानमंत्री खुद भी कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान पर चिंता जाहिर कर चुके हैं. कई एजेंसियां मान कर चल रही हैं कि लॉकडाउन के चलते चीन के लिए 5.5 फीसदी ग्रोथ रेट हासिल करना मुश्किल हो जाएगा. (Photo: Reuters)

India2
  • 5/5

दूसरी ओर भारत की बात करें तो जीडीपी के मोर्चे पर स्थिति ठीक बनी हुई है. प्रमुख एजेंसियां और संस्थान इस फाइनेंशियल ईयर में भारत की जीडीपी के 7-8 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जाहिर कर रहे हैं. विश्व बैंक ने भले ही भारत की जीडीपी के लिए ग्रोथ रेट के अनुमान को कम कर दिया है, लेकिन यह अभी भी 8 फीसदी है. रिजर्व बैंक की मानें तो भारत FY23 में 7.2 फीसदी की दर से ग्रोथ कर सकता है. (Photo: Reuters)