गृह मंत्रालय ने रेलवे के अति संवेदनशील क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति पर आपत्ति जताई है. गृह मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के कदम से देश के सबसे बड़े परिवहन नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर समझौता करना पड़ सकता है.
हाई स्पीड ट्रेन सिस्टम और मालगाडियों के लिए मार्ग जैसे क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई का प्रस्ताव था. इस प्रस्ताव को वाणिज्य और उद्योग मंत्री की ओर से अंतर मंत्रालयी विमर्श के लिए भेजा गया था. मसौदे पर कैबिनेट नोट वितरित करने के बाद ये आपत्ति आई है.
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'रेलवे के अति संवेदनशील हिस्से में एफडीआई नहीं होना चाहिए. यात्री प्रबंधन और माल ढुलाई तथा ट्रेनों को चलाने को भारतीय रेल का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है.
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग का मानना है कि नकदी की कमी से जूझ रहे रेलवे में विदेशी निवेश की अनुमति से क्षेत्र के विकास में मदद मिलेगी.
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण, मजबूती और विस्तार की तुरंत जरूरत है जिसके लिए बड़ी मात्रा में पूंजी निवेश की जरूरत होगी.
वर्तमान में मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम को छोड़कर रेलवे क्षेत्र में किसी भी तरह के एफडीआई पर पूरी तरह से प्रतिबंध है.