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Budget 2022: कप्तान सीतारमण की टीम... बजट बनाने में इन 5 कंधों पर सारा दारोमदार

बजट बनाने की प्रक्रिया कई महीने पहले से ही शुरू हो जाती है. हर सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात, सरकार को सौंपे जाने वाले ज्ञापन, बीते सालों से मिले सबक आदि बजट को तैयार करने में इम्पोर्टेंट फैक्टर साबित होते हैं.

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इन 5 लोगों पर सारा दारोमदार इन 5 लोगों पर सारा दारोमदार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कई महीने पहले से शुरू हो जाती है बजट बनाने की प्रक्रिया
  • इन अधिकारियों को दी जाती है सबसे अहम जिम्मेदारी

अगले सप्ताह संसद में नया बजट (Budget) पेश होने वाला है. महामारी की तीसरी लहर से जूझ रहे देश को इस बजट से काफ उम्मीदें हैं. आम लोग जहां राहत उपायों की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं इंडस्ट्री को सरकार से मदद की अपेक्षा है. सरकार के सामने एक तरफ इकोनॉमिक ग्रोथ तेज करने की चुनौती है, तो दूसरी ओर महंगाई (Inflation) और बेरोजगारी (Unemployment) जैसी समस्याएं सुरसा की तरह मुंह खोले खड़ी हैं. यह बजट न सिर्फ लोगों की अपेक्षाओं बल्कि सरकार की क्षमताओं की भी अग्निपरीक्षा साबित होने वाला है.

बजट बनाने की प्रक्रिया कई महीने पहले से ही शुरू हो जाती है. हर सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात, सरकार को सौंपे जाने वाले ज्ञापन, बीते सालों से मिले सबक आदि बजट को तैयार करने में इम्पोर्टेंट फैक्टर साबित होते हैं. इन सब के बीच अग्निपरीक्षा से गुजर रहे होते हैं कुछ चुनिंदा लोग, जिनके ऊपर सरकार के लिए अगले एक साल की कमाई का जरिया तैयार करने की भी जिम्मेदारी होती है और बीते साल में रह गई कमी की भरपाई करने का टास्क भी रहता है. आइए नजर डालते हैं कि कौन हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) की टीम बजट 2022 के अहम खिलाड़ी...

टीवी सोमनाथन (TV Somanathan): सोमनाथन अभी फाइनेंस सेक्रेटरी और डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर के सेक्रेटरी के पद पर हैं. इस बार बजट से ठीक पहले सीईए का पद खाली है. ऐसे में सोमनाथन के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है. सोमनाथन तमिलनाडु काडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वह वर्ल्ड बैंक के साथ भी काम कर चुके हैं और पीएमओ में ज्वायंट सेक्रेटरी के तौर पर काम कर चुके हैं.

अजय सेठ (Ajay Seth): अजय सेठ अभी डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स में सेक्रेटरी हैं. वह भी सोमनाथन की तरह 1987 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं, बस उनका काडर कर्नाटक है. सेठ को पिछले साल अप्रैल में यह जिम्मेदारी मिली, जब देश पहले से ही कोविड महामारी के संकट से जूझ रहा था. सेठ के पास कर्नाटक में पदस्थापन के दौरान बजट और कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट में काम करने का लंबा अनुभव है.

देवाशीष पांडा (Debashish Panda): सोमनाथन और सेठ की तरह पांडा भी 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. पांडा अभी डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के सेक्रेटरी हैं. उन्हें सरकारी वित्तीय संस्थानों में नई पीढ़ी का सुधार लाने का श्रेय हासिल है. सरकारी बैंकों के निजीकरण की राह तैयार करने में पांडा की अहम भूमिका है. सरकार जिस तरह पिछले बजट के विनिवेश के लक्ष्य से चूकने जा रही है, इस बजट में सब्जेक्ट को काफी अटेंशन मिलने वाला है और पांडा की इसमें अहम भूमिका रहने वाली है.

तरुण बजाज (Tarun Bajaj): बजाज अभी डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू के सेक्रेटरी के पर पर तैनात हैं. वह 1988 बैच और हरियाणा काडर के आईएएस अधिकारी हैं. इससे पहले वह इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी भी रह चुके हैं. वित्त मंत्रालय में आने से पहले बजाज पीएमओ में काम कर चुके हैं. बजाज वित्त मंत्रालय से उस समय जुड़े, जब देश कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा था. बजाज के सामने बीते दो साल के अनुभव के आधार पर आने वाले समय में सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाना होगा.

तुहिन कांत पांडेय (Tuhin Kant Pandey): पांडेय के पास सरकार के सबसे महत्वाकांक्षी विभागों में से एक की जिम्मेदारी है. वह फिलहाल निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सेक्रेटरी हैं. उनके विभाग के लिए आने वाले साल में कई काम पहले से तैयार हो चुके हैं. अभी उनका विभाग एलआईसी के मेगा आईपीओ से लेकर विभिन्न सरकारी कंपनियों की बिक्री की प्रक्रिया में व्यस्त है. इस बजट से उम्मीद की जा रही है कि सरकार इंफ्रा पर बड़े पैमाने पर खर्च बढ़ाने वाली है. पांडेय के ऊपर इस बढ़े खर्च के लिए पैसे जुटाने की जिम्मेदारी रहेगी.

 

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