रात अपने रंग में थी. बिहार के वैशाली में बैंक्वेट हॉल रोशनी से जगमगा रहा था. बारात पूरे शोर-शराबे और धूमधाम के साथ पहुंची थी. स्वागत हुआ, हंसी-ठिठोली चली, मेहमानों ने खाना खाया और फिर सबकी नजरें टिकी थीं उस पल पर- जयमाला. स्टेज सजा था, कैमरे ऑन थे, और जैसे ही दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, तालियों की गूंज पूरे हॉल में फैल गई. सब कुछ बिल्कुल सामान्य था... लेकिन यह शांति ज्यादा देर टिकने वाली नहीं थी.
जयमाला के कुछ ही देर बाद बारात पक्ष के दो युवक अचानक दुल्हन के कमरे में जा पहुंचे. यह कदम दुल्हन पक्ष को नागवार गुजरा. उन्होंने विरोध किया, समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो दोनों युवकों को बाहर निकाल दिया गया. यहीं से कहानी ने करवट ली.
छोटी सी कहासुनी ने तेजी से तूल पकड़ा. आवाजें ऊंची होने लगीं, चेहरे तमतमाने लगे. कुछ ही मिनटों में माहौल ऐसा हो गया, जैसे शादी नहीं, जंग छिड़ गई हो. दोनों पक्ष आमने-सामने थे- और फिर शुरू हुआ हंगामा.

कुर्सियां उठीं, लाठी-डंडे चले, लोग इधर-उधर भागने लगे. जो जगह कुछ देर पहले हंसी से भरी थी, वहां अब चीख-पुकार गूंज रही थी. कई लोग घायल हो गए, कुछ के सिर फूटे, तो कुछ जमीन पर गिर पड़े. हॉल के बाहर खड़ी गाड़ियां भी इस गुस्से का शिकार बन गईं. शीशे तोड़े गए, सामान बिखर गया. माहौल पूरी तरह बेकाबू हो चुका था.
यह भी पढ़ें: मथुरा: जूता चुराई की रस्म पर भड़का दूल्हा, वरमाला उतारकर फेंकी; दुल्हन ने शादी से किया इनकार, लौटा नंगे पैर
इसी अफरातफरी के बीच, दूल्हा भी गुस्से में आ गया. उसने जयमाला के मंच पर ही दुल्हन को धमकी भरे लहजे में कहा कि शादी के बाद उसे ठीक कर देंगे. जब यह धमकी दुल्हन ने सुनी तो वह भड़क गई. शोर, झगड़े और तनाव के बीच दुल्हन ने साफ कह दिया- वह यह शादी नहीं करेगी. हालात ऐसे थे कि कोई उसे रोक भी नहीं सका. परिवार के लोग भी समझ चुके थे कि बात अब बहुत आगे बढ़ चुकी है.
इस बीच, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह हालात को काबू में किया. दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया, जहां घंटों तक बातचीत चली. कोशिश हुई कि मामला सुलझ जाए, लेकिन अब फैसला हो चुका था. शादी नहीं होगी. बाद में दोनों पक्षों के बीच खर्च को लेकर भी चर्चा हुई. किसने कितना खर्च किया, किसे कितना नुकसान हुआ- इन सब बातों पर बहस चली.
आखिरकार समझौता हुआ कि शादी रद्द रहेगी और खर्च की भरपाई को लेकर एक लिखित सहमति बनाई जाएगी. जब रात खत्म हुई, तो सिर्फ बिखरी कुर्सियां, टूटी गाड़ियां और अधूरा पड़ा खाना ही नहीं बचा था- बल्कि एक ऐसा रिश्ता भी खत्म हो चुका था, जो कुछ घंटे पहले बनने वाला था.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आधार कार्ड के अनुसार, लड़की बालिग नहीं है, जिससे शादी कानूनी रूप से भी संभव नहीं थी. लड़की पक्ष का आरोप है कि उन्होंने करीब 1.75 लाख रुपये कैश, चांदी और सोना मिलाकर करीब 9 लाख रुपये खर्च किए हैं. वहीं लड़के पक्ष का कहना है कि उनका भी 10 लाख रुपये से अधिक खर्च हुआ है. लड़की पक्ष को पैसे लौटाने के लिए एक बॉन्ड भी तैयार कराया गया.