बिहार के नवगछिया में जदयू सांसद अजय मंडल के एक कार्यक्रम में भगदड़ मच गई. इसमें दो महिलाएं घायल हो गईं. आनन-फानन उन्हें अस्पताल ले जाया गया. सूचना मिलते ही सांसद के सहायक अस्पताल पहुंचे. इस दौरान उन्हें स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के बारे में जानकारी मिली. ये घटना गुरुवार शाम की है.
बता दें कि भागलपुर सांसद अजय मंडल द्वारा गुरुवार को नवगछिया अनुमंडल कार्यालय के मैदान में वयोश्री योजना को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसमें वृद्धजनों को जीवन सहायक उपकरण वितरित किए गए. कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद सांसद चले गए.
इसी बीच भीड़ होने के कारण सहायक उपकरण लेने के लिए भगदड़ मच गई. दो बुजुर्ग महिलाएं इसकी चपेट में आ गईं, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं. आनन-फानन उन्हें इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया. जानकारी के मुताबिक, सिविल सर्जन द्वारा इस कार्यक्रम में अनुमंडल अस्पताल के डॉक्टर राकेश कुमार झा और एक एंबुलेंस को ड्यूटी पर लगाया गया था. मगर, इस कार्यक्रम में न तो डॉक्टर पहुंचे और न ही एंबुलेंस.
घटना के बाद अनुमंडल कार्यालय के गोपनीय शाखा से अनुमंडल अस्पताल फोन किया गया तो अस्पताल कर्मी ने कहा कि 102 नंबर पर कॉल कीजिए. इसके कुछ देर के बाद एंबुलेंस कार्यक्रम स्थल पर पहुंची और अस्पताल ले जाकर दोनों महिलाओं का इलाज किया गया.
'हो सकता है इस वजह से वो कार्यक्रम स्थल पर न पहुंचे हों'
घटना की जानकारी होते ही सांसद अजय मंडल के निजी सहायक संदीप मिश्रा अनुमंडल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने घायलों से हालचाल जाना. इस दौरान उन्हें, अनुमंडल पदाधिकारी नवगछिया और सिविल सर्जन भागलपुर सहित अन्य पदाधिकारियों को अस्पताल की लापरवाही की जानकारी दी गई.
सांसद के निजी सहायक ने जब अस्पताल उपाधीक्षक से कार्यक्रम स्थल पर डॉक्टर और एंबुलेंस नहीं पहुंचने के बारे जानकारी ली तो वो मामले में अनभिज्ञ नजर आए. वहीं, नवगछिया अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक बुचकुन दास ने कहा कि घटना के बारे में जानकारी मिलते ही एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल लाकर इलाज किया गया.
हमें लेटर मिला था. डॉक्टर राकेश झा की रात में ड्यूटी रहती है. सुबह 8 बजे उनकी ड्यूटी पूरी होती है. हो सकता है इस वजह से वो कार्यक्रम स्थल पर न पहुंचे हों. हमने इसकी सूचना दे दी थी.