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'हरदम टोकते थे, कोई आजादी नहीं', घरवालों को फंसाने के लिए लड़की ने कराया खुद का 'किडनैप'

बिहार के रोहतास जिले में एक युवती द्वारा खुद के अपहरण की साजिश रचने का मामला सामने आया है. परिवार पर मानसिक दबाव और सामाजिक बंधनों का आरोप लगाते हुए युवती ने ऐसा कदम उठाया. पुलिस की जांच में पूरा मामला खुल गया और करीब एक सप्ताह बाद युवती को डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया गया.

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घरवालों को फंसाने के लिए लड़की ने कराया खुद का 'किडनैप' (Photo: representational image)
घरवालों को फंसाने के लिए लड़की ने कराया खुद का 'किडनैप' (Photo: representational image)

बिहार के रोहतास जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने खुद के अपहरण की साजिश रचकर अपने ही परिवार के लोगों को फंसाने की कोशिश की. मामला डेहरी के डालमियानगर थाना क्षेत्र के मनेरी बिगहा गांव का है. पुलिस जांच में पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने के बाद युवती को डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया गया.

कॉलेज के लिए निकली और लौटी ही नहीं

जानकारी के अनुसार, मनेरी बिगहा निवासी संतोष महतो की बेटी 28 अप्रैल 2026 को कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी. परिवार के लोगों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क कर गुमशुदगी की सूचना दी.

लड़की के मोबाइल से आया मैसेज

इसी बीच 29 अप्रैल को युवती के मोबाइल नंबर से परिवार वालों के पास एक व्हाट्सएप मैसेज पहुंचा. मैसेज में दावा किया गया था कि उसका अपहरण कर लिया गया है और उसे सासाराम में कहीं बंधक बनाकर रखा गया है. मैसेज मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी.

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पुलिस ने युवती की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की. शुरुआती जांच में कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला, लेकिन तकनीकी जांच और लगातार छानबीन के दौरान युवती की लोकेशन डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन के आसपास मिली. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे स्टेशन परिसर से सुरक्षित बरामद कर लिया.

'रोक टोक करते थे और  कोई फ्रीडम नहीं थी'

डेहरी के एएसपी अतुलेश झा ने बताया कि पूछताछ में युवती ने स्वीकार किया है कि उसने खुद ही अपहरण की कहानी बनाई थी. युवती का कहना था कि परिवार के लोग उस पर कई तरह की पाबंदियां लगाते थे, रोक टोक करते थे और घर में कोई फ्रीडम नहीं थी. वह खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही थी और इसी वजह से घर से दूर जाने का फैसला किया. साथ ही वह घर वालों को फंसा देना चाहती थी.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवती की काउंसलिंग कराई गई है. बाद में उसे समझाइश देकर परिजनों को सौंप दिया गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देख रही है.
 

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