राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पप्पू यादव को बिहार की राजनीति का “अनोखा और विशिष्ट व्यक्तित्व” बताते हुए कहा कि उनकी अचानक हुई गिरफ्तारी न्याय व्यवस्था के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
तिवारी ने लिखा कि पप्पू यादव देश के उन बेहद कम नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने तीन बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने की उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने याद दिलाया कि पप्पू यादव अब तक छह बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विधानसभा चुनाव जीतकर ही की थी.
शिवानंद तिवारी ने कोरोना महामारी की याद दिलाई
राजद नेता ने आगे कहा कि पप्पू यादव का व्यक्तित्व उनकी असाधारण सक्रियता के लिए जाना जाता है. तिवारी ने लिखा, “सुबह किसी और इलाके में, शाम को किसी दूसरे क्षेत्र में. वह लगातार जनता के बीच दिखाई देते हैं.” उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना महामारी के दौरान जब सरकारी तंत्र मृत्यु के वास्तविक आंकड़ों को सार्वजनिक करने से बच रहा था, तब पप्पू यादव बिना मास्क के श्मशान घाटों पर खड़े होकर सच्चाई सामने ला रहे थे. वहीं, पटना के कंकड़बाग में जलजमाव के दौरान भी वे कमर तक पानी में उतरकर लोगों तक पीने का पानी पहुंचा रहे थे.
गिरफ्तारी को निराशाजनक बताया
तिवारी ने कहा कि ऐसे नेता की अब “अचानक” गिरफ्तारी बेहद निराशाजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी विडंबना यही है कि “25-30 साल पुराने मुकदमे अनिश्चितकाल तक चलते रहते हैं, और फिर एक दिन अचानक गिरफ्तारी हो जाती है.”
उनके मुताबिक कई बार कागजों में लिखा होता है कि आरोपी को समन जारी किया गया, लेकिन वह समन कभी संबंधित व्यक्ति तक पहुंचता ही नहीं. इसके बाद पुलिस अचानक वारंट लेकर पहुंच जाती है. तिवारी ने लिखा, “यह अनुभव हमने स्वयं भी झेला है.”
पप्पू यादव की गिरफ्तारी को तिवारी ने न्यायपालिका और पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवाल बताया. उन्होंने उम्मीद जताई कि यादव को शीघ्र ही जमानत मिल जाएगी, लेकिन यह घटना “हमारी कानून व्यवस्था की वास्तविकता को उजागर कर देती है.”