बिहार के बेतिया जिले से पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है. महज 12 साल के एक मासूम बच्चे को 'मामा' शब्द बोलना इतना भारी पड़ गया कि पुलिसवालों ने बीच सड़क पर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी. बच्चा बेहोश होकर गिर पड़ा और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घटना मटियरिया थाना क्षेत्र के शेरहवा भुस्की गांव की है. गोलू कुमार नाम का बच्चा खेत में रोपनी का काम कराकर अपने घर लौट रहा था. इसी दौरान उसका ट्रैक्टर ड्राइवर उससे कुछ दूर आगे निकल गया. गोलू ने हंसते हुए आवाज लगाई 'मामा-मामा'. लेकिन दुर्भाग्य से उसी वक्त पुलिस की एक जीप पीछे से आ रही थी.
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जीप में सवार पुलिसकर्मियों ने यह मान लिया कि बच्चा उन्हें चिढ़ा रहा है. इसके बाद जीप से उतरकर ASI इंद्रदेव यादव और अन्य पुलिसकर्मी गोलू पर टूट पड़े. गोलू बार-बार हाथ जोड़कर सफाई देता रहा कि वह ट्रैक्टर चालक को मामा कह रहा था, न कि पुलिस को. लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी. लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीट-पीटकर गोलू को अधमरा कर दिया गया.
उसके शरीर पर चोट के गंभीर निशान हैं. गोलू के पिता मुन्ना पटेल ने डीआईजी को लिखित शिकायत देते हुए कहा, क्या अब बिहार में मामा कहना भी अपराध हो गया है? मेरे बेटे को सिर्फ एक शब्द बोलने की इतनी बड़ी सजा मिली. घटना के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है. ग्रामीणों ने पुलिस की इस बर्बरता के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है. फिलहाल मामला जांच के दायरे में है.