बिहार के दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार युवक को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. करीब पांच महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद अब युवक की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है और उसके जल्द जेल से बाहर आने की संभावना जताई जा रही है.
यह मामला 27 अगस्त को राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान सामने आया था. आरोप है कि दरभंगा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में भारी उबाल देखने को मिला था. घटना के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया गया था और कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए थे.
पटना में इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी. बताया गया कि बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय तक पहुंच गए थे, जहां दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई. इस दौरान लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने की घटनाएं भी सामने आई थीं. हिंसा में कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई थी, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था.
घटना के सात दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के मंच से उनकी मां को गालियां दी गईं, जो सिर्फ उनकी मां का नहीं बल्कि देश की मां-बहनों और बेटियों का अपमान है.
मामले में बीजेपी के जिलाध्यक्ष की शिकायत पर युवक के खिलाफ देशद्रोह समेत तीन अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी. इसके बाद 29 अगस्त को स्थानीय चौकीदार की पहचान के आधार पर आरोपी युवक राजा उर्फ रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया था. गिरफ्तारी के बाद से वह दरभंगा जेल में बंद था.