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इश्क, इंतकाम और डबल मर्डर... 'लेडी किलर' की खौफनाक दास्तां, प्रेमी को पाने के लिए बनी हैवान

मोतिहारी पुलिस ने सनसनीखेज डबल मर्डर केस का खुलासा किया है. प्रेमी को पाने की सनक में युवती शिल्पी ने पहले उसके दादा को जिंदा जलाया, फिर पांच साल की अंशिका की गला रेतकर हत्या कर दी. वायरल ऑडियो और मोबाइल डेटा से पुलिस आरोपी तक पहुंची और पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया.

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प्रेम प्रसंग से शुरू हुई खौफनाक कहानी.(Photo: ITG)
प्रेम प्रसंग से शुरू हुई खौफनाक कहानी.(Photo: ITG)

बिहार के मोतिहारी से सामने आई एक वारदात किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. प्यार, प्रतिशोध और सनक की आग में जलती 20 वर्षीय एक युवती ने ऐसी खौफनाक साजिश रची कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई. गांव में जिसे लोग 'दीदी' कहकर सम्मान देते थे, वही शिल्पी कुमारी एक के बाद एक सनसनीखेज अपराधों की कड़ी रचती चली गई. इस पूरी कहानी में सबसे भयावह पहलू यह रहा कि उसने अपने प्रेमी को पाने के लिए पहले उसके दादा को जिंदा जला दिया और बाद में एक मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी. मामला चिरैया थाना क्षेत्र का है.

दरअसल, मामले का खुलासा तब हुआ जब सिकरहना डीएसपी उदय शंकर ने तकनीकी जांच के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस की परतें खोलनी शुरू कीं. पुलिस के अनुसार, यह मामला सामान्य हत्या नहीं बल्कि बेहद सुनियोजित और शातिर तरीके से रची गई साजिश का परिणाम था. शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था, लेकिन मोबाइल और इंटरनेट डेटा की कड़ी ने पुलिस को उस हत्यारिन तक पहुंचा दिया जिसे गांव वाले मासूम और भरोसेमंद मानते थे.

पुलिस जांच में सामने आया कि यह युवती अब तक करीब 18 आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुकी थी और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थी. लेकिन इस बार तकनीकी साक्ष्य उसके लिए सबसे बड़ा जाल साबित हुए और अंततः उसकी गिरफ्तारी ने पूरे मामले को उजागर कर दिया.

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मासूम अंशिका की गुमशुदगी से मचा हड़कंप

घटना की शुरुआत 20 मार्च से होती है, जब हीरापट्टी गांव निवासी दीपक यादव की पांच वर्षीय बेटी अंशिका अचानक घर के सामने से लापता हो गई. परिवार ने जब हर जगह तलाश की लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. गांव में बेचैनी फैल गई और हर कोई उस मासूम की सलामती की दुआ करने लगा.

दो दिन बाद 22 मार्च को जब गांव के पास एक खेत में अंशिका का गला कटा शव मिला, तो पूरा इलाका सन्न रह गया. इस खबर ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया. बच्ची की निर्मम हत्या ने लोगों को गुस्से और डर से भर दिया. पुलिस पर जल्द से जल्द हत्यारे को पकड़ने का दबाव बढ़ गया.

इसी बीच एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें मृत बच्ची की आवाज सुनाई दे रही थी. यही ऑडियो इस केस का सबसे बड़ा सुराग बन गया और जांच की दिशा बदल गई.

यह भी पढ़ें: चार दिन कमरे में बंद, फिर मिली लाश! मोतिहारी में संदिग्ध हालात में नवविवाहिता की मौत, दहेज हत्या का आरोप

मोबाइल डेटा बना जांच का टर्निंग पॉइंट

पुलिस ने जब वायरल ऑडियो की तकनीकी जांच शुरू की, तो पता चला कि जिस मोबाइल से ऑडियो वायरल किया गया था, वह इंटरनेट डेटा किसी दूसरे मोबाइल से शेयर कर रहा था. यही कड़ी पुलिस को अमर राय के घर तक ले गई और शक की सुई धीरे-धीरे शिल्पी की ओर घूमने लगी.

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जांच टीम ने इंटरनेट डेटा, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर एक मजबूत कड़ी तैयार की. इसके बाद पुलिस ने शिल्पी कुमारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, वे बेहद चौंकाने वाले थे.

आखिरकार उसने अपना अपराध कबूल कर लिया और बताया कि यह हत्या सिर्फ एक बच्ची की हत्या नहीं थी, बल्कि प्यार और बदले की आग में रची गई बड़ी साजिश का हिस्सा थी.

प्रेम प्रसंग से शुरू हुई खौफनाक कहानी

शिल्पी ने पुलिस को बताया कि उसका गांव के ही युवक नीतीश कुमार से 2024 से प्रेम संबंध था. दोनों के बीच अंतरंग संबंध भी बन चुके थे. लेकिन इस रिश्ते का विरोध नीतीश के दादा करते थे और इसी वजह से उनके बीच विवाद और मारपीट तक हो चुकी थी.

मोतिहारी

इस विरोध ने शिल्पी के मन में बदले की आग भर दी. उसने नीतीश के दादा को रास्ते से हटाने की साजिश रची और एक दिन उन्हें सोते समय आग लगाकर जिंदा जला दिया. इसके बाद उसने कई जगह आगजनी भी की ताकि यह घटना सामान्य आग लगने का मामला लगे.

लेकिन बदले की आग यहीं शांत नहीं हुई. उसके मन में एक और शक पल रहा था जिसने आगे एक मासूम की जान ले ली.

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शक ने लिया मासूम की जान

शिल्पी को शक था कि अंशिका की मां रागनी कुमारी नीतीश को उसके खिलाफ भड़काती है. इसी नफरत ने उसे एक और खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. उसने मासूम अंशिका को निशाना बनाने की साजिश रची.

फिर 20 मार्च की शाम शिल्पी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया. पहले उसने उससे उसकी मां के खिलाफ कुछ बातें बुलवाकर मोबाइल में रिकॉर्ड किया, ताकि बाद में उसे फंसाया जा सके. इसके बाद उसने बच्ची को घर के पीछे ले जाकर बेरहमी से चाकू से उसका गला रेत दिया.

हत्या के बाद उसने शव को एक बाल्टी में डालकर घर के छज्जे पर छुपा दिया. अगले दिन जब पुलिस की गतिविधियां तेज हुईं, तो उसने सुबह अंधेरे में शव को खेत में फेंक दिया ताकि शक उससे दूर रहे.

पुलिस की तकनीकी जांच से खुला राज

एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को वैज्ञानिक और फॉरेंसिक तरीकों से सुलझाया. टीम में सिकरहना डीएसपी उदय शंकर, चिरैया थानाध्यक्ष महेश कुमार और कई सब-इंस्पेक्टर शामिल थे. तकनीकी साक्ष्यों ने केस की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई.

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दो चाकू, खून से सने कपड़े और मोबाइल फोन बरामद कर लिए. यह बरामदगी शिल्पी के अपराध की सबसे मजबूत पुष्टि बनी.

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एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि यह बेहद पेचीदा मामला था जिसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुलझाया गया. उन्होंने पूरी टीम को इस सफल खुलासे के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की.

प्यार, प्रतिशोध और सनक की भयावह परिणाम

यह पूरी कहानी बताती है कि कैसे प्यार में मिली ठुकराहट और शक ने एक युवती को हैवान बना दिया. गांव की 'दीदी' समझी जाने वाली शिल्पी ने एक के बाद एक ऐसे अपराध किए जिनकी कल्पना भी मुश्किल है.

इस सनसनीखेज डबल मर्डर केस ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. गांव में अब भी लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि जिस लड़की पर भरोसा था, वही इतनी खौफनाक साजिश रच सकती है.

पुलिस की गिरफ्त में आई आरोपी 'दीदी' अब कानून के शिकंजे में है, लेकिन उसके अपराधों की कहानी लंबे समय तक लोगों के दिलों में दहशत बनकर गूंजती रहेगी.

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