नीतीश कुमार ने जेडीयू की नई टीम का गठन किया है. ऐसे में जनता दल (यूनाइटेड) ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की है. संजय कुमार झा को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया है. वह इस पद पर बने रहेंगे.
बिहार में सरकार बदलने के बाद अब जनता दिल्ली यूनाइटेड में अपने संगठन के ऊपर पूरा फोकस लगा दिया है. खास बात यह है कि कई पुराने चेहरों की जगह अब नए चेहरों को पार्टी की राष्ट्रीय पदाधिकारी की सूची में शामिल किया गया है.
राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के अलावा पार्टी में कुल 12 राष्ट्रीय महासचिव और आठ राष्ट्रीय सचिव बनाए गए हैं. एक बार फिर से पार्टी के सांसद आलोक कुमार सुमन को कोसा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है. अति पिछड़ा समाज से आने वाले चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को पार्टी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है.

चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी जहानाबाद से पूर्व सांसद रहे हैं और नीतीश कुमार के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय महासचिव की लिस्ट में दलित बिरादरी से आने वाले श्याम रजक और अशोक चौधरी को भी जगह मिली है. साथ ही साथ कुशवाहा समाज से आने वाले नेताओं को भी राष्ट्रीय पदाधिकारी की सूची में जागती गई है. रमेश सिंह कुशवाहा के साथ-साथ रामसेवक सिंह को भी राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है.
कुशवाहा समाज से आने वाले भगवान सिंह कुशवाहा को इस बार राष्ट्रीय पदाधिकारी की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है. यह संकेत माना जा रहा है कि शायद भगवान सिंह कुशवाहा आने वाले दिनों में राज्य कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं. हर्षवर्धन एक बार फिर से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए हैं. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद को राष्ट्रीय सचिव पद की जिम्मेदारी भी दी गई है. आठ राष्ट्रीय सचिव की लिस्ट में पूर्व सांसद का कम परवीन के अलावा नीतीश कुमार के भरोसेमंद माने जाने वाले एमएलसी रविंद्र सिंह भी शामिल है. कुल मिलाकर देखें तो जेडीयू के राष्ट्रीय पदाधिकारी की इस छोटी टीम में कई नई चेहरों को पहली बार जगह मिली है. कई पुराने चेहरों की छुट्टी हुई है, जो इस बात का भी संकेत है कि जेडीयू आने वाले दिनों में अब नए तेवर के साथ संगठन को धारदार बनाए रखना चाहता है.