दरभंगा के यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इंटरमीडिएट परीक्षा देने जा रहे छात्र-छात्राओं से भरी एक स्कॉर्पियो अचानक फिसलकर कीचड़ और पानी से भरे तालाब में जा गिरी. यह घटना एमएमटीएम कॉलेज परिसर के पास हुई. हादसे के वक्त गाड़ी में परीक्षार्थियों के साथ चालक भी मौजूद था.
जैसे ही स्कॉर्पियो तालाब में गिरी, गाड़ी में सवार छात्रों की चीख-पुकार मच गई. आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए राहत कार्य में जुट गए. स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी छात्र-छात्राओं और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. कुछ ही देर में स्कॉर्पियो पूरी तरह तालाब के पानी में डूब गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई.
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स्थानीय लोगों और प्रशासन की त्वरित मदद
घटना की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद ने स्थानीय यूनिवर्सिटी थाना को इसकी जानकारी दी. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. सभी परीक्षार्थियों के सुरक्षित बाहर निकलने की पुष्टि होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली.
इसके बाद स्कॉर्पियो को तालाब से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई. इसके लिए नगर निगम से मदद मांगी गई. नगर निगम के कर्मचारी बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे और कीचड़ व पानी के बीच कड़ी मशक्कत के बाद स्कॉर्पियो को तालाब से बाहर निकाला गया. पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे.
परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्र
हादसे के बावजूद सभी परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच गए. कुछ छात्रों के एडमिट कार्ड स्कॉर्पियो के अंदर ही छूट गए थे, लेकिन घटना की सूचना मिलने के बाद वे घर से एडमिट कार्ड की दूसरी कॉपी लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचे और परीक्षा में शामिल हुए.
स्थानीय वार्ड पार्षद मुकेश कुमार महासेठ ने बताया कि घटना उनके कार्यालय के पास हुई. सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी बच्चों की जान बच गई और तुरंत पुलिस को भी सूचना दी गई. बाद में नगर निगम की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया.
अभिभावकों ने ली राहत की सांस
अभिभावक कमलेश कुमार यादव ने बताया कि इस स्कॉर्पियो से उनके बच्चे सहित करीब 10 से 12 परीक्षार्थी रोजाना परीक्षा देने आते थे. यह वाहन केवटी प्रखंड के हनुमान नगर दूधिया गांव का है और बच्चों को परीक्षा केंद्र लाने के लिए रिजर्व किया गया था. सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और सभी बच्चों को सुरक्षित देखकर राहत महसूस की. उन्होंने बताया कि सभी परीक्षार्थी सेकेंड शिफ्ट की परीक्षा में शामिल हो गए और किसी को गंभीर नुकसान नहीं हुआ.