बिहार के लिए कल यानि मंगलवार का दिन बड़ा रहने वाला है. प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं और साथ ही नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है. इस कड़ी में एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) ने राजधानी पटना में विधयक दल की अहम बैठक बुलाई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ऑब्जर्वर के तौर पर पहुंचेंगे.
14 अप्रैल को शाम 4 बजे पटना के विधानसभा भवन के सेंट्रल हॉल में एनडीए के सभी विधायक एक साथ बैठेंगे. इसे विधायक दल की बैठक कहते हैं. इसी बैठक में तय होगा कि एनडीए का नेता कौन होगा यानी बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. जिस नेता को सबसे ज्यादा समर्थन मिलेगा उनके नाम पर सहमति बनेगी.
शपथ ग्रहण कब और कहां होगा?
15 अप्रैल को सुबह 11 बजे पटना के लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. लोकभवन बिहार सरकार का एक बड़ा सरकारी भवन है जहां ऐसे बड़े कार्यक्रम होते हैं. वहां तैयारियां जोरों पर हैं और काम को आखिरी रूप दिया जा रहा है.
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सम्राट चौधरी का नाम क्यों आया?
सूत्रों के मुताबिक लोकभवन के अधिकारियों ने डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों की जानकारी दी. इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो इस पूरी प्रक्रिया में एक अहम भूमिका में हैं.
नए मुख्यमंत्री का नाम अभी क्यों तय नहीं?
यह सवाल सबके मन में है. एनडीए के गठबंधन में कई पार्टियां हैं और सभी की अपनी-अपनी पसंद होती है. इसीलिए पहले विधायक दल की बैठक होती है जहां सभी मिलकर एक नाम पर सहमति बनाते हैं. उसके बाद ही मुख्यमंत्री का चेहरा सामने आता है. कल की बैठक के बाद यह रहस्य खुल जाएगा.
जेडीयू कोटे के मंत्रियों की कैबिनेट में संख्या बढ़ेगी
सूत्रों के अनुसार, नए कैबिनेट में जेडीयू कोटे के मंत्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी. नए कैबिनेट में जेडीयू कोटे से चार से पांच नेताओं को जगह मिल सकती है. मौजूदा नीतीश कैबिनेट में जेडीयू से मुख्यमंत्री के अलावा कुल 8 मंत्री हैं. कुछ विधायकों को पहली बार मंत्री बनाया जा सकता है. मिथिलांचल के साथ-साथ शाहाबाद के इलाके से भी जदयू नए मंत्री बन सकती है.