नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार इस बार रोजगार के मोर्चे पर भी एक्टिव नजर आ रही है. बिहार सरकार ने सूबे को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने का दावा किया है. बिहार सरकार का दावा है कि इस मास्टर प्लान को बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (BIADA) प्लग एंड प्ले मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है.
प्लग एंड प्ले मॉडल के तहत निवेशकों को राज्य के किसी भी जिले में उद्योग स्थापित करने के लिए रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का प्लान है. इस मॉडल के तहत किसी भी जिले में कोई भी उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को अलग-अलग विभागों में क्लीयरेंस के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे बिना समय गंवाए अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे.
बिहार सरकार की प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमेटी ने इसी मॉडल के तहत 20 नई औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित करने का दावा किया है. बिहार सरकार का दावा है कि इन इकाइयों के माध्यम से राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और करीब 1187 रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.
बिहार सरकार ने प्लग एंड प्ले मॉडल के जरिये अगले पांच वर्षों में बिहार को एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है. इससे राज्य के युवाओं को अपने ही गृह जिलों में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और पलायन पर भी अंकुश लगेगा.
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बिहार सरकार का कहना है कि प्रदेश के सभी 38 जिलों में रोडमैप के तहत आईटी, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और जनरल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नए उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं. इन परियोजनाओं के लिए कुल 9.637 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जबकि लगभग 125.39 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है.
नीतीश सरकार का औद्योगिक मास्टर प्लान
बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वादा किया था कि निवेश आकर्षित करने के लिए निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा. बड़ी जीत के साथ सत्ता में लौटी नीतीश सरकार ने अब वादे पर अमल करते हुए कैपिटल सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी और जीएसटी प्रतिपूर्ति की राशि को दोगुना करने की घोषणा की है.
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नीतीश सरकार ने सभी जिलों में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए रियायती दर पर भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को फ्री भूमि अधिग्रहण की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है. सरकार को इस बात की उम्मीद है कि इस मास्टर प्लान से बिहार में निवेश का माहौल मजबूत होने के साथ ही राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी.