Tesla Cybertruck को कंपनी कटिंग एज इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस के लिए प्रमोट करती है. कई बार इस ट्रक में ऐसा करके दिखाया भी है, लेकिन हाल में हुई एक रेस में ये कार लगभग 50 साल पुरानी कार से हार गई. यूट्यूब पर इस रेस का वीडियो मौजूद है. ये एक ड्रैग रेस थी, जिसमें टेस्ला साइबरट्रक को पुरानी अमेरिकी कार ने मात दी है.
हेड-टू-हेड रेस में 1970 की मॉडिफाइड शेवरले शेवेल मालिबू ने इस फ्यूचरेस्टिक ट्रक को शुरुआत में ही पीछे कर दिया है और इसे कभी भी आगे निकलने का मौका नहीं दिया. इस रेस का वीडियो भी बनाया गया है, जिसमें दो बहुत ही अलग युग की गाड़ियों को एक दूसरे से मुकाबला करते हुए दिखाया गया है.
रेस में टेस्ला साइबरट्रक का हाई-परफॉर्मेंस साइबरबीस्ट वेरिएंट शामिल किया गया है. ये कार ट्राई-मोटर सेटअप के साथ आती है, जो 845 एचपी की पावर प्रोड्यूस करता है. वहीं दूसरी तरफ शेवरले शेवेल मालिबू है, जो मॉडिफाई की गई है. कार में चौड़े टायर और आफ्टरमार्केट व्हील्स लगे हैं.
कार के इंजन की डिटेल्स पता नहीं हैं. 1970 की इस गाड़ी में उस वक्त लार्ज डिस्प्लेसमेंट वाला वी8 इंजन मिलता था, जिसमें 7.4 लीटर का बड़ा ब्लॉक था. मॉडर्न ट्यूनिंग की मदद से इस तरह के सेटअप को आसानी से 500 से 600 हॉर्सपावर वाली मशीन में बदला जा सकता है.
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ऐसा लग रहा था कि रेस शुरू होने के साथ साइबरट्रक इस 50 साल पुरानी शेवरले से आगे निकल जाएगा. लेकिन लाइट्स ग्रीन होने पर पूरा खेल बदल गया. शेवरले ने साइबरट्रक के मुकाबले ज्यादा तेज रिएक्ट किया. इसकी वजह से कार को शुरुआती बढ़त मिल गई.
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रेस के ज्यादातर हिस्से में इस पुरानी मसल कार ने बढ़त बनाए रखी. हालांकि, रेस के बीच में एक वक्त ऐसा भी आया जब साइबरट्रक शेवरले के बहुत करीब आ गया. अपनी पूरी क्षमता दिखाते हुए साइबरट्रक ने इस रेस को एकतरफा होने से बचा लिया और पुरानी मसल कार को कड़ी टक्कर देनी शुरू कर दी. हालांकि, अंत में शेवरले ने थोड़ी बढ़त के साथ इस रेस को जीत लिया.