ऑटो इंडस्ट्री में कम ही देखने को मिलता है कि कोई बड़ा उद्योगपति खुलकर सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना करे. लेकिन राजीव बजाज ऐसे शख्स हैं जो बिना लाग-लपेट के अपनी बात कहते हैं. बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज ने इस बार महाराष्ट्र सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति (EV Policy) पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है. उनका कहना है कि यह नीति ऑटो इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.
एक न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में राजीव बजाज ने कहा कि अपने 36 साल के करियर में उन्होंने कभी किसी पॉलिसी को पूरी तरह असफल होते नहीं देखा. लेकिन महाराष्ट्र सरकार की ईवी पॉलिसी को देखकर उन्हें डर है कि यह पहली ऐसी पॉलिसी हो सकती है जो पूरी तरह फेल हो जाए. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को महाराष्ट्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी का केवल एक छोटा हिस्सा ही अब तक मिला है. बाकी रकम मिलने को लेकर भी उन्हें संदेह है.
राजीव बजाज ने साफ कहा कि वह सब्सिडी के पक्ष में नहीं हैं. उनके मुताबिक सब्सिडी इनोवेशन को धीमा करती है और इनकैपेबल सिस्टम को सहारा देती है. उन्होंने इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर सब्सिडी खत्म किए जाने का स्वागत किया. साथ ही उम्मीद जताई कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर दी जाने वाली सब्सिडी भी मार्च तक खत्म कर दी जाएगी.
सब्सिडी की बात करते हुए राजीव बजाज ने केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कंपनी के कुल पीएलआई दावे करीब 1000 करोड़ रुपये के हैं. इनमें से अब तक 642 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिल चुकी है. इसके बाद कंपनी ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का प्रोडक्टश करीब 30 हजार यूनिट प्रति माह पर स्टेबल कर लिया है. अप्रैल से इसे बढ़ाकर 40 हजार यूनिट प्रति माह करने की योजना है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर इंडस्ट्री में अब तेजी से बढ़ रही है और टॉप पांच कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत हो चुकी है.
महाराष्ट्र की ईवी पॉलिसी के अलावा राजीव बजाज ने रिमिशन ऑफ ड्यूटीज़ एंड टैक्सेज़ ऑन एक्सपोर्टेड प्रोडक्ट्स (RoDTEP) योजना में 50 प्रतिशत कटौती पर भी नाराजगी जताई. उनका कहना है कि इसका असर केवल नकारात्मक ही होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को श्रम कानून, जमीन, लॉजिस्टिक्स और बिजली जैसे क्षेत्रों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारने की जरूरत है. उनके मुताबिक भारत में कारोबार करना अब भी थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले ज्यादा मुश्किल है.
राजीव बजाज ने साफ किया कि RoDTEP कोई सब्सिडी नहीं है. यह एक ऐसा सिस्टम है जो एक्सपोटर्स को सिस्टम की कमियों से होने वाले नुकसान की भरपाई करता है. निर्यात को लेकर उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही में कंपनी का एक्सपोर्ट करीब 6 लाख यूनिट हो सकता है. आने वाले महीनों में एक्सपोर्ट 2 लाख से बढ़कर 2.5 लाख यूनिट तक पहुंचने की उम्मीद है.
बजाज ऑटो का चेतक इस समय फुल स्पीड में नज़र आ रहा है. कंपनी ने मंथली सेल्स के मामले में अच्छी बढ़त दर्ज की है, जिसका असर मार्केट शेयर पर भी देखने को मिल रहा है. दिसंबर 2025 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में कंपनी का मार्केट शेयर 19.30 प्रतिशत था, जो जनवरी 2026 में बढ़कर 20.90 प्रतिशत हो गया. इससे साफ है कि बजाज के इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग लगातार बढ़ रही है और कंपनी धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रही है.
वहीं टीवीएस मोटर ने भी तगड़ा जंप किया है. टीवीएस ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में सबसे मजबूत स्थिति बनाई है. दिसंबर 2025 में कंपनी की हिस्सेदारी 25.70 प्रतिशत थी, जो जनवरी में बढ़कर 28.80 प्रतिशत हो गई. वहीं ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट शेयर दिसंबर 2025 में 9.30 प्रतिशत था, जो जनवरी 2026 में गिरकर 5.50 प्रतिशत रह गया है. इसी के साथ ओला इलेक्ट्रिक पांचवे पोजिशन पर आ गई है.